विदेश की खबरें | बीएपीएस के स्वयंसेवक यूक्रेन के शरणार्थियों की मदद के लिए आए आगे
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वाशिंगटन, आठ मार्च आध्यात्मिक एवं मानवीय सहायता संगठन ‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था’ (बीएपीएस) के स्वयंसेवक युद्धग्रस्त यूक्रेन में हजारों शरणार्थियों की मदद के लिए आगे आए हैं।
बीएपीएस ने पोलैंड के दक्षिण-पूर्वी शहर जेजॉ में एक अस्थायी रसोई की स्थापना की है, जिसने सभी धर्मों तथा राष्ट्रीयताओं के लगभग 1,000 शरणार्थियों को प्रतिदिन गर्म शाकाहारी भोजन खिलाना शुरू कर दिया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बीएपीएस आवास सुविधाओं की व्यवस्था कर रहा है और चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के लिए समन्वय कायम कर रहा है। वह, भारत सरकार और स्थानीय भागीदारों के साथ भी मिलकर काम कर रहा है।
स्वयंसेवकों ने न्यू जर्सी के रॉबिंसविले से जेजॉ और बुडोमिर्ज़ तक की यात्रा की, ताकि यूक्रेन की सीमा पर अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अन्य लोगों के लिए मानवीय आपूर्ति वितरित करने में मदद की जा सके।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए सुरक्षित गलियारा बनाने के वास्ते बीएपीएस से सरकार के प्रयासों में सहायता के लिए आग्रह किया था।
रॉबिंसविले में बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर के प्रमुख स्वामी नीलकंठ सेवादास स्वामी ने कहा कि वे आवश्यक मानवीय सहायता भेजने के लिए पोलैंड में यूक्रेनी समुदाय के स्थानीय सदस्यों और उनके स्वयंसेवी बलों के साथ काम कर रहे हैं।
इस बीच, यहां एक भारतीय-अमेरिकी फाउंडेशन ने युद्धग्रस्त यूक्रेन में घायल हुए नागरिकों के उपचार के लिए 10 लाख डॉलर की चिकित्सकीय सामग्री भेजी है। इससे पहले, यूक्रेनी दूतावास ने अमेरिका से इस मदद का अनुरोध किया था।
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