जरुरी जानकारी | प्रतिबंधित वेबसाइट, ऐप को अपनी प्रमाणिकता साबित करने के लिये 48 घंटे का समय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रतिबंधित वेबसाइट और ऐप को प्रमाणिकता साबित करने के लिये 48 घंटे का समय दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, नौ फरवरी सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्रतिबंधित वेबसाइट और ऐप को प्रमाणिकता साबित करने के लिये 48 घंटे का समय दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मंत्रालय के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मंचों पर पाबंदियां लगाने का कारण उनके कामकाज का सही नहीं होना था।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे सही हैं, फिर उनपर प्रतिबंध क्यों लगाये गये? उनपर कदम उठाने के कारण हैं।’’
सरकार ने पिछले सप्ताह चीन समेत विभिन्न विदेशी इकाइयों के 232 ऐप को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है। दांव लगाने, जुआ और अनधिकृत तरीके से कर्ज सुविधा देने को लेकर ये प्रतिबंध लगाये गये हैं।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें नियमों के तहत दस्तावेज जमा करने के लिये 48 घंटे का समय दिया गया है। उनके दस्तावेज और प्रतिवेदनों के आधार पर निर्णय किया जाएगा।’’
उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के नोडल अधिकारी के दांव लगाने और जुए में शामिल 138 वेबसाइट और कर्ज देने वाले 94 ऐप पर आपातकालीन अनुरोध पर शनिवार को इन्हें प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया। ये धन शोधन में शामिल थे और देश की वित्तीय सुरक्षा के लिये खतरा थे।
जिन इकाइयों पर पाबंदी लगायी गयी हैं, उनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनी लेजी पे और इंडिया बुल्स होम लोन शामिल हैं।
प्रतिबंधित सूची में शामिल अन्य वेबसाइटों में बॉडीलोन डॉट कॉम, कैशटीएम डॉट इन, फेयरसेन्ट डॉट कॉम, ट्रु बैलेंस डॉट एन डॉट अपटॉउन डॉट कॉम और एम पॉकेट डॉट एन डॉट अपटाउन डॉट कॉम शामिल हैं।
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