जरुरी जानकारी | बैकों ने ऋण गारंटी योजना के तहत एमएसएमई को 1.14 लाख करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किये

नयी दिल्ली, सात जुलाई बैंकों ने आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) को 1,14,502 करोड़ रुपये के ऋण मंजूर किये हैं। कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती से यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

हालांकि, एमसएमई के लिये शत प्रतिशत गारंटीशुदा इस रिण सुविधा योजना के तहत मंजूर रिणों में से चार जुलाई तक 56,091.18 करोड़ रुपये का कर्ज ही वितरित हुआ है।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ पैकेज में यह वित्तीय सुविधा वाली यह सबसे बड़ी योजना है। वित्त मंत्रालय द्वारा ईसीएलजीएस के जारी ताजा आंकड़ों में सभी 12 सरकारी बैंकों, 20 निजी क्षेत्र के बैंकों तथा 10 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा किया गया वितरण शामिल है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, ‘‘चार जुलाई, 2020 तक सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के बैंकों ने 100 प्रतिशत ईसीएलजीएस के तहत 1,14,502.58 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं जिसमें से 56,091.18 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।’’

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उन्होंने कहा कि ईसीएलजीएस के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा मंजूर ऋण राशि बढ़कर 65,863.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। चार जुलाई तक इसमें 35,575.48 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। इसी दौरान निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा मंजूर ऋण राशि बढ़कर 48,638.96 करोड़ रुपये हो गई। इसमें से 20,515.70 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।

सीतारमण ने कहा, ‘‘एक जुलाई, 2020 की तुलना में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों द्वारा मंजूर ऋण की राशि में 4,158.51 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस दौरान ऋण वितरण में 3,835.65 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।’’

सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक ने इस योजना के तहत 20,628 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है और 13,405 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक ने 8,689 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है और उसका वितरण 2,595 करोड़ रुपये रहा है।

महाराष्ट्र की इकाइयों को सबसे अधिक 6,856 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है, जबकि वितरित किये गये कर्ज की राशि 3,605 करोड़ रुपये रही। तमिलनाडु की इकाइयों को 6,616 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया, जबकि उन्हें अब तक 3,871 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है।

अजय

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