नयी दिल्ली, पांच नवंबर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान ऋण और जमा वृद्धि में प्रतिशत के संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाताओं के बीच शीर्ष स्थान बरकरार रखा है।
पुणे के बैंक के जमा और कर्ज में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई, जो दूसरी तिमाही में किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में सबसे अधिक है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के तिमाही आंकड़ों के अनुसार, 23.55 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ सितंबर, 2023 के अंत में बैंक का सकल घरेलू कर्ज बढ़कर 1,83,122 करोड़ रुपये हो गया।
इसके बाद 20.29 प्रतिशत वृद्धि के साथ इंडियन ओवरसीज बैंक, 17.26 प्रतिशत के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और 16.53 प्रतिशत वृद्धि के साथ यूको बैंक का स्थान रहा।
देश का सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) घरेलू कर्ज वृद्धि में 13.21 प्रतिशत वृद्धि के साथ सातवें स्थान पर है।
हालांकि, एसबीआई का कुल ऋण बीओएम के 1,75,676 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 16 गुना अधिक यानी 28,84,007 करोड़ रुपये था।
जमा वृद्धि के संबंध में, बीओएम में 22.18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई और सितंबर, 2023 के अंत तक उसकी जमा 2,39,298 करोड़ रुपये रही।
आंकड़ों के अनुसार, जमा वृद्धि में बैंक ऑफ बड़ौदा 12 प्रतिशत वृद्धि के साथ (10,74,114 करोड़ रुपये) दूसरे स्थान पर है, वहीं एसबीआई की जमा 11.80 प्रतिशत वृद्धि के साथ 45,03,340 करोड़ रुपये रही।
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