जरुरी जानकारी | बैंक ऋण में 2022-23 में 12 फीसदी वृद्धि का अनुमान: रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बेहतर आर्थिक वृद्धि और सरकार के बजटीय समर्थन के बूते चालू वित्त वर्ष में बैंक ऋण 11 से 12 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है जो चार साल का उच्चतम स्तर होगा। वहीं बीते वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक कर्ज में करीब 9 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुंबई, 29 अप्रैल बेहतर आर्थिक वृद्धि और सरकार के बजटीय समर्थन के बूते चालू वित्त वर्ष में बैंक ऋण 11 से 12 फीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है जो चार साल का उच्चतम स्तर होगा। वहीं बीते वित्त वर्ष 2021-22 में बैंक कर्ज में करीब 9 से 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘अच्छी आर्थिक वृद्धि और सरकार के बजटीय समर्थन के बल पर बैंक ऋण चालू वित्त वर्ष में 2 से 3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 11 से 12 फीसदी रह सकते हैं।’’ इसमें कहा गया कि उच्च कर्ज वृद्धि के अनुमान को बैंक प्रणाली की मजबूती से भी समर्थन मिला है।

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक एवं उप प्रमुख रेटिंग्स अधिकारी कृष्णन सीतारमण ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में जो सबसे बड़ा अंतर आ सकता है वह है कॉरपोरेट कर्ज वृद्धि के मामले में जो दोगुनी होकर आठ से नौ फीसदी रह सकती है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सर्वाधिक वृद्धि आ सकती है वे हैं धातु और धातु के उत्पाद, रसायन, इंजीनियरिंग तथा निर्माण।

रिपोर्ट में कहा गया कि सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के बैंक कर्ज भी 12 से 14 फीसदी बढ़ सकते हैं। इस क्षेत्र में बीती कुछ तिमाहियों में उच्च कर्ज वृद्धि देखी गई है जिसकी वजह आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना-2 है।

इसमें कहा गया, ‘‘चालू वित्त वर्ष में खुदरा कर्ज वृद्धि 14-15 फीसदी पर बनी रहेगी।’’

क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक श्री नारायणन ने कहा कि देश की बैंकिंग प्रणाली का ढांचा मजबूत है और यह कर्ज वृद्धि में तेजी के लिए तैयार है।’’

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