बंधन बैंक को चौथी तिमाही में 517 करोड़ रुपये का लाभ
इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक का लाभ 650.87 करोड़ रुपये था।
नयी दिल्ली, 12 मई निजी क्षेत्र के बंधन बैंक का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 517.28 करोड़ रुपये रहा।
इससे पिछले वित्त वर्ष 2018-19 की जनवरी-मार्च तिमाही में बैंक का लाभ 650.87 करोड़ रुपये था।
बैंक ने मंगलवार को शेयर बाजार को जानकारी दी कि उसने कोरोना वायरस के लिए अग्रिम राशि के तौर पर 690 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। बैंक का कहना है कि गृह फाइनेंस का विलय किए जाने के चलते उसके परिणाम की तुलना पिछले वित्त वर्ष से नहीं की जा सकती।
आलोच्य अवधि में बैंक की कुल आय 3,346.47 करोड़ रुपये रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 2,220.32 करोड़ रुपये थी।
इस अवधि में बैंक का फंसे कर्ज के लिए प्रावधान 827.36 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 153.28 करोड़ रुपये था।
समीक्षावधि में बैंक की सकल गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) घटकर सकल ऋण का 1.48 प्रतिशत रह गयी। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 2.04 प्रतिशत थीं। मूल्य में बैंक का सकल एनपीए इस दौरान 992.77 करोड़ रुपये रहा जो इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 819.55 करोड़ रुपये था।
आलोच्य तिमाही में बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध ऋण का 0.58 प्रतिशत रहा। मूल्य में यह राशि 389.39 करोडप रुपये बैठती है।
पूरे वित्त वर्ष 2019-20 में बैंक का शुद्ध लाभ 3,023.74 करोड़ रुपये रहा जो 2018-19 में 1,951.50 करोड़ रुपये था।
समीक्षावधि में बैंक की कुल आय 12,434.69 करोड़ रुपये रही जो 2018-19 में 7,706.42 करोड़ रुपये थी।
बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्र शेखर घोष ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद 2019-20 की चौथी तिमाही के परिणाम संतोषजनक हैं। तिमाही के दौरान बैंक की जमा हर श्रेणी में बढ़ी है।
बैंक की निदेशक समिति ने 21 अक्टूबर 2019 की बैठक में गृह फाइनेंस के पात्र शेयर धारकों को 41,69,48,659 शेयर आवंटित करने की मंजूरी दे दी थी।
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