बीड, दो सितंबर मराठा समुदाय के लोगों के लिए शिक्षा तथा नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर जालना में भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को बीड में ‘बंद’ का आह्वान किया गया।
महाराष्ट्र के जालना जिले में शुक्रवार को अंबाड तहसील में धुले-सोलापुर रोड पर अंतरवाली सारथी गांव में हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे। पुलिस को यह कथित कार्रवाई तब करनी पड़ी, जब प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों को भूख हड़ताल कर रहे एक व्यक्ति को अस्पताल नहीं ले जाने दिया।
अधिकारियों ने बताया कि बीड में बंद का आह्वान मराठा क्रांति मोर्चा ने किया और यह शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, मजालगांव में पथराव की कुछ घटनाएं हुईं है। इस दौरान निजी और सरकारी बसें सड़कों से नदारद रहीं।
उन्होंने बताया कि शिवाजी चौक, नए बस अड्डे, माजलगांव शहर में संभाजी चौक के पास पूर्णावाड़ी बैंक और एक होटल में पथराव हुआ। हालांकि, एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया कि पथराव की केवल एक घटना की सूचना है।
अधिकारियों के अनुसार, बंद के तहत गेवारी में सड़क जाम की गई।
एक अधिकारी ने कहा कि मुख्य प्रदर्शन छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, बीड कलेक्टरेट के सामने हुआ। बंद का असर धारूर, अष्टी और अंबाजोगई तालुका आदि क्षेत्रों पर भी पड़ा।
पुलिस अधीक्षक नंदकुमार ठाकुर ने कहा,‘‘ माजलगांव में पथराव की एक घटना हुई,लेकिन इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।’’
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि गेवारी में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम की,लेकिन ये शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। शुक्रवार रात को यहां दो बसों में आग लगा दी गई थी।
उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद एहतियात के तौर पर शनिवार को परली में बसों को सड़कों से हटा दिया गया था।
पुलिस ने वहां बताया कि शुक्रवार को जालना में हिंसा में कम से कम 40 पुलिसकर्मी घायल हो गए और कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया। इस संबंध में 360 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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