प्रयागराज, 28 मई विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की युवा इकाई बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दौनेरिया ने रविवार को कहा कि 1996 से अब तक बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 86 लाख गौवंश की रक्षा की है।
यहां नैनी में माधव ज्ञान केंद्र में 21 मई से 28 मई तक चले बजरंग दल शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के समापन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि 1996 में बजरंग दल के 25,000 कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज में संगम के तट पर संकल्प लिया था कि गाय नहीं कटने देंगे, देश नहीं बंटने देंगे।
उन्होंने दावा किया कि जो गौवंश कटने जा रहे थे, ऐसे 86 लाख गौवंशों की बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अभी तक रक्षा की है और इसी का परिणाम है कि आज विश्व हिंदू परिषद 550 गौशालाएं चला रही है।
दौनेरिया ने बताया कि भारत के आखिरी कस्बे राजौरी पुंछ में 17 अगस्त से 27 अगस्त तक बजरंग दल की राष्ट्रीय साहसिक यात्रा चलेगी क्योंकि इस क्षेत्र से 1990 से 2005 तक बड़े पैमाने पर हिंदुओं का पलायन हुआ था। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में हिंदुओं का मनोबल बढ़ाने के लिए 17 वर्षों से यह यात्रा हो रही है।
उन्होंने बताया कि 1984 में बजरंग दल का गठन हुआ और 1993 में पूरे देश में बजरंग दल का संगठनात्मक तंत्र खड़ा किया गया। उनके अनुसार आज बजरंग दल में 52,000 संयोजक हैं, 3.50 लाख दायित्ववान कार्यकर्ता हैं और एक करोड़ के करीब सक्रिय सदस्य हैं।
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि लव जिहाद का शिकार हुई हिंदू बहन -बेटियों को वापस लाने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता थाना में जाकर, पुलिस से मिलकर, परिवार में बात करके और अदालत में वकील खड़ा करके अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा , ‘‘ लव जिहाद, भारत में जनसंख्या अनुपात बदलने का इस्लामिक जिहादियों का एक षड़यंत्र है। हिंदू लड़कियों के गर्भ से मुस्लिम बच्चों का जन्म, मुस्लिमों जिहादियों का स्पष्ट एजेंडा है। भारत को 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ वे हिंदू लड़कियों को फंसाकर अपनी आबादी बढ़ाने के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। ’’
दौनेरिया ने कहा कि मुस्लिम जेहादियों के इस एजेंडे के सामने बजरंग दल चट्टान बनकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, वे भूमि जिहाद के तहत सरकारी जमीनों पर कब्जा करके कब्र, दरगाह, मदरसा बना रहे हैं और रातोंरात मस्जिद खड़ी कर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता ऐसे मामलों को सरकार के संज्ञान में लाकर इन्हें रोकने का काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि केरल स्टोरी, कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्मों के माध्यम से समाज में फैली विकृतियां लोगों के सामने आ रही हैं और उससे हिंदू नागरिकों की सोच में बदलाव आ रहा है।
उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से इस्लामिक जिहाद का चेहरा पिछले एक डेढ़ सालों में जनता के सामने आया है जिससे बड़े पैमाने पर हिंदू अपने धर्म का आचरण करने प्रति झुकने लगा है, फलस्वरूप आज मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है।
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