देश की खबरें | बघेल ने महादेव ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग की थी, उनके खिलाफ ईडी लगा दी गई: कांग्रेस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने महादेव ऐप से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस साल 24 अगस्त को इस ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांग तत्काल मानने के बजाय उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लगा दिया।

नयी दिल्ली, छह नवंबर कांग्रेस ने महादेव ऐप से जुड़े कथित घोटाले को लेकर सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस साल 24 अगस्त को इस ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी मांग तत्काल मानने के बजाय उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लगा दिया।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है और इस विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को करारा जवाब देगी।

केंद्र सरकार ने ईडी के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीअन्नाप्रेस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी मंचों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। एक आधिकारिक बयान में रविवार को यह जानकारी दी गई।

बयान में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसा करने का अधिकार होने के बावजूद इन मंचों पर रोक लगाने का अनुरोध नहीं किया।

कांग्रेस नेता रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ईडी कई महीनों से महादेव ऐप मामले की जांच कर रही है। फिर भी इसे प्रतिबंधित करने में इतना समय लगना आश्चर्य की बात है। महादेव ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग भी सबसे पहले 24 अगस्त, 2023 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की थी। उनकी प्रशंसा करने के बजाय प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने उनके ख़िलाफ़ ईडी को लगा दिया।’’

उन्होंने अपने दावे के समर्थन में बघेल द्वारा कांग्रेस मुख्यालय में संबोधित संवाददाता सम्मेलन का वीडियो भी साझा किया।

रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के केंद्रीय मंत्री इस बात को लेकर साफ़ झूठ बोल रहे हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऐप को प्रतिबंधित करने की मांग नहीं की थी।

उनके अनुसार, ‘‘भूपेश बघेल ने 24 अगस्त, 2023 को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भी आरोपियों की गिरफ़्तारी और केंद्र सरकार द्वारा 28 प्रतिशत कर लगाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी को क़ानूनी दर्जा देने की बात उठाई थी। मुख्यमंत्री कई महीनों से लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि सट्टेबाजी से जुड़े इस ऐप को केंद्र सरकार प्रतिबंधित क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा था कि शायद 28 प्रतिशत जीएसटी के लालच में प्रतिबंध नहीं लग रहा है या कहीं भाजपा का ऐप संचालकों से लेन-देन तो नहीं हो गया है?’’

रमेश ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस मामले में दोषियों को गिरफ़्तार तो नहीं ही किया, बल्कि कर लेकर ऐप संचालकों के ग़लत कार्यों को क़ानूनी वैधता देकर उनका बचाव भी किया।

उन्होंने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है। राज्य के लोग विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में एकबार फिर जनादेश देकर भाजपा की इन हरकतों का करारा जवाब देंगे।’’

हक

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\