पुणे, पांच मार्च शिवसेना की पुणे इकाई ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अबू आसिम आजमी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और कहा कि मुगल सम्राट औरंगजेब की प्रशंसा करने वाली उनकी टिप्पणी महाराष्ट्र के गौरव का अपमान है।
शिवसेना के नगर अध्यक्ष प्रमोद नाना भांगिरे ने कहा कि हिंदुओं के खिलाफ औरंगजेब के अत्याचारों और धर्म परिवर्तन कराने के उसके प्रयासों का महिमामंडन नहीं किया जा सकता तथा आजमी पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
औरंगजेब की प्रशंसा करने वाली टिप्पणी के कारण आजमी को बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा के चालू बजट सत्र के अंत तक के लिए निलंबित कर दिया गया था।
भांगिरे ने पुणे में सारसबाग के निकट विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और आजमी की टिप्पणी की निंदा करते हुए इसे “महाराष्ट्र के गौरव का अपमान” बताया।
उन्होंने कहा, “ऐसे तानाशाह की तारीफ करना महाराष्ट्र के स्वाभिमान का अपमान करने के बराबर है। राज्य में महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। औरंगजेब का महिमामंडन करने वालों को हम मुंहतोड़ सबक सिखाएंगे।”
भांगिरे ने मांग की कि आजमी के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें विधायक पद से भी इस्तीफा देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल में भारत की सीमा अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमा) तक पहुंच गई थी।
मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक आजमी ने दावा किया, “हमारा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) विश्व सकल घरेलू उत्पाद का 24 प्रतिशत था और भारत को (उनके शासनकाल के दौरान) सोने की चिड़िया कहा जाता था।”
औरंगजेब और मराठा राजा छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई के बारे में पूछे जाने पर आजमी ने इसे राजनीतिक लड़ाई करार दिया था।
मंगलवार को उनकी टिप्पणियों ने राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में हलचल मचा दी थी, सत्तारूढ़ पक्ष के सदस्यों ने उनके निलंबन और उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की थी।
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