देश की खबरें | भूमि हथियाने को लेकर दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने की आजम खान की याचिकाएं खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। अदालत ने जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन हड़पने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने से इनकार कर दिया।
प्रयागराज, 30 सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा। अदालत ने जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन हड़पने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को रद्द करने से इनकार कर दिया।
अदालत ने विश्वविद्यालय के पक्ष में कथित तौर पर किसानों से जबरदस्ती बिक्री अभिलेख लिखवाने और फिर उनकी जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने के मामले में दर्ज आपराधिक मुकदमों को रद्द करने का अनुरोध करने वाली कई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
रिकॉर्ड और दलीलों पर गौर करने के बाद न्यायमूर्ति समित गोपाल ने कहा, “ प्राथमिकियों में लगाए गए आरोपों से पता चलता है कि कैसे प्रथम शिकायतकर्ता का अपहरण कर उसके साथ मारपीट की गई, उसे धमकी दी गई और उसकी जमीन हड़प ली गई।”
अदालत ने कहा, “इस मामले के तथ्यों, याचिकाकर्ताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोपों और तय कानून को देखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता।”
12 सितंबर 2019 को रामपुर की सदर तहसील के खौद क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक मनोज कुमार ने आजम खान और अन्य के खिलाफ अजीम नगर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 506, 447 और 342 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस प्राथमिकी के बाद कई भू स्वामियों ने बलपूर्वक जमीन हड़पने का मुकदमा आजम खान एवं अन्य के खिलाफ दर्ज कराया था।
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