देश की खबरें | फर्जी पैन कार्ड मामले में आजम, उनके बेटे की जमानत याचिका खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी से फर्जी पैन कार्ड हासिल करने के मामले में आजम खान और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

प्रयागराज, 26 नवंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी से फर्जी पैन कार्ड हासिल करने के मामले में आजम खान और उनके बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की जमानत याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।

न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा, ‘‘आरोपी व्यक्तियों की स्थिति, अपराधों की पुनरावृत्ति और व्यापक प्रभाव जिसे उन्होंने प्रदेश के विभिन्न विभागों में उपयोग किया, को देखते हुए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। ऐसी परिस्थिति में इस चरण में जमानत देना जनहित में नहीं होगा। इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है।’’

यह भी पढ़े | Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में बड़ा हादसा, यात्रियों से भरे टेंपू पर ट्रक पलटा, 4 की मौत.

हालांकि अदालत ने कहा कि सुनवाई में तथ्य पेश किए जाने और गवाहों के बयानों के बाद आवेदक जमानत के लिए अदालत से संपर्क करने को स्वतंत्र हैं।

अदालत ने कहा, ‘‘फर्जी जन्म तिथि आजम खान के कैबिनेट मंत्री रहते हासिल की गई क्योंकि नगर निगम उनके मंत्रालय के अधीन था। इन आरोपों से गहरे आपराधिक षड्यंत्र, पद के दुरुपयोग की झलक मिलती है।’’

यह भी पढ़े | Lalu Yadav Phone Call: आरजेडी प्रमुख लालू यादव की बढ़ीं मुश्किलें, वायरल ऑडियो मामले में पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज.

मामले से संबंधित प्राथमिकी में कहा गया है कि मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान के नाम पर जारी एक पैन कार्ड में उनकी जन्मतिथि एक जनवरी, 1993 अंकित है जोकि हाईस्कूल के प्रमाण पत्र के अनुसार है। यह पैन मोहम्मद अब्दुल्ला के बैंक खाते से जुड़ा है।

इसमें आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद अब्दुल्ला ने 24 जनवरी, 2017 को 34 स्वार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया जिसमें उन्होंने बैंक खाते की पासबुक जमा की। इस पासबुक में एक अन्य ‘पैन’ का उल्लेख था जिसमें दूसरी जन्मतिथि अंकित थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद अब्दुल्ला खान ने गलत ‘पैन’ का उल्लेख कर, जिसमें उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दर्ज थी, नामांकन पत्र दाखिल करने में अपने पिता के साथ मिलकर षड्यंत्र किया, जबकि पहले के पैन में जन्मतिथि एक जनवरी, 1993 उल्लिखित थी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now