देश की खबरें | अपने अतीत को लेकर साफगोई के लिए आजाद ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक चाय बेचने वाले के रूप में अपने अतीत के बारे में खुलकर बोलते हैं तथा दुनिया से अपने अतीत को छिपाने की कोशिश नहीं करते हैं।
जम्मू, 28 फरवरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह एक चाय बेचने वाले के रूप में अपने अतीत के बारे में खुलकर बोलते हैं तथा दुनिया से अपने अतीत को छिपाने की कोशिश नहीं करते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने यहां गुर्जर देश चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को दुनिया से अपनी असलियत नहीं छिपानी चाहिए।
आजाद ने कहा, ‘‘मैं कई नेताओं की प्रशंसा करता हूं... मैं खुद गांव का हूं और मुझे इसका फक्र है। मैं अपने प्रधानमंत्री जैसे नेताओं की काफी प्रशंसा करता हूं जो कहते हैं कि वह गांव से हैं। वह चाय बेचते थे।’’
आजाद ने कहा, ‘‘मेरे राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वह अपने अतीत को नहीं छिपाते हैं।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में राज्यसभा में आजाद को विदाई देते समय उनकी जमकर तारीफ की थी और एक घटना का जिक्र करते हुए भावुक भी हो गए थे। आजाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे।
आजाद की इस टिप्पणी से एक दिन पहले कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फेरबदल की मांग करने वाले ‘जी-23’ के कई नेता एक मंच पर एकत्र हुए थे। उनका कहना था कि पार्टी कमजोर हो रही है और वे इसे मजबूत करने के लिए एक साथ आये हैं।
कांग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं को ‘जी-23’ भी कहा जाता है।
मीडियाकर्मियों के साथ संक्षिप्त बातचीत में आजाद इस बात से सहमत नहीं थे कि शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति पार्टी आलाकमान को संदेश देने के लिए शक्ति प्रदर्शन थी।
उन्होंने कहा, “मैं डेढ़ साल के अंतराल के बाद लौटा हूं। कोविड-19 महामारी से पहले (पिछले साल मार्च में), बजट और शीतकालीन सत्र था। लंबे समय से मांग थी कि एक समारोह आयोजित किया जाए।’’
केंद्र द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने से पहले और उसके बाद जम्मू कश्मीर की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "यह किसी डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) की तरह है जिसका पद छीन कर उसे साधारण पुलिसकर्मी बना दिया गया हो।’’
आजाद ने कहा, ‘‘मैं कह सकता हूं कि विकास कार्य तीन चरणों में होते थे जो अब नहीं हो रहे हैं। मैं कई जगहों पर गया और सड़कों को खराब हालत में देखा, उद्योग बंद हो गए। विकास की बात हो रही है लेकिन यह केवल कागजों पर है और यह जमीन पर नहीं दिख रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा कि विकास योजनाएं लागू हों। उन्होंने कहा कि नियमित बजटीय आवंटन से परे अधिक राशि देकर क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया जाए जैसा कांग्रेस शासन के दौरान होता था।
इससे पहले उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए नागरिक निकायों के चुने हुए प्रतिनिधियों से लोगों के लिए काम करने को कहा।
उन्होंने कहा, “मैं जिला विकास परिषद (डीडीसी) और खंड विकास परिषद (बीडीसी) के सदस्यों सहित चुने हुए प्रतिनिधियों से कहना चाहता हूं, जो अपनी श्रेणियों के लिए आरक्षित सीटों से विजयी हुए हैं, समुदाय के लाभ के लिए अथक परिश्रम करें। आप आरक्षण के जरिए निर्वाचित हुए हैं और यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने समुदाय के लिए अपनी सेवाओं का उपयोग करें।"
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