ताजा खबरें | आयुष्मान भारत स्वास्थ्य केंद्र: पंजाब को धन जारी करना दिशानिर्देशों के अनुपालन पर निर्भर
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि पंजाब ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का प्रचार-प्रसार नहीं किया है और राज्य को धन जारी करना इन दिशानिर्देशों के अनुपालन पर निर्भर है।
नयी दिल्ली, आठ अगस्त केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि पंजाब ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का प्रचार-प्रसार नहीं किया है और राज्य को धन जारी करना इन दिशानिर्देशों के अनुपालन पर निर्भर है।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 30 मई, 2018 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा किए गए डिजाइन मैनुअल के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सभी आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों (एबी-एचडब्ल्यूसी) का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस साल एक फरवरी और 17 मार्च को भी इसे दोहराया गया था।
सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के ढांचे के अनुसार केंद्र के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) निष्पादित करते हैं, जो इसके तहत जारी दिशानिर्देशों के साथ राज्यों द्वारा अनुपालन को अनिवार्य करता है।
इसके अलावा, भविष्य की स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को मजबूत करने के लिए कई पहल की गई हैं।
उन्होंने बताया कि 2025-26 तक 64,180 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) में बीमारियों की जल्दी पहचान के लिए गांवों और शहरों में स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्रों को मजबूत करके ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पहुंच प्रदान करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य और अन्य स्वास्थ्य सुधारों में निवेश बढ़ाने की परिकल्पना की गई है।
मंत्री ने बताया कि इसका उद्देश्य जिला-स्तरीय अस्पतालों में नए गहन चिकित्सा संबंधी बिस्तर को जोड़ना है।
यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार ने पंजाब में स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को मजबूत करने के लिए कोई नई पहल की है, पवार ने कहा कि 22 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं (आईपीएचएल) और 21 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों (सीसीबी) की स्थापना के लिए पीएम-एबीएचआईएम के कार्यान्वयन के लिए 2021-22 से 2025-26 के लिए पंजाब राज्य को 755.65 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है।
पवार ने कहा कि पंद्रहवें वित्त आयोग (एफसी-15) ने स्वास्थ्य क्षेत्र के विशिष्ट घटकों के लिए स्थानीय सरकारों के माध्यम से 70,051 करोड़ रुपये के अनुदान की सिफारिश की है और केंद्र सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है।
स्थानीय सरकारों के माध्यम से स्वास्थ्य के लिए ये अनुदान वित्तीय वर्ष 2021-22 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक पांच वर्षों में आवंटित होंगे और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की सुविधा प्रदान करेंगे।
पंजाब के लिए, आयोग ने वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक पांच साल की अवधि में 2,131 करोड़ रुपये की सिफारिश की है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) का उद्देश्य वहनीय तृतीयक स्वास्थ्य परिचर्या सेवाओं की उपलब्धता में क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना और देश में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए सुविधाओं में वृद्धि करना है।
पवार ने लिखित जवाब में कहा कि योजना के दो घटक-अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना और मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों (जीएमसीआई) का उन्नयन है।
इस योजना के अंतर्गत विभिन्न चरणों में अब तक 22 नए एम्स (पंजाब में भटिंडा में एक नए एम्स की स्थापना) और जीएमसीआई के उन्नयन की 75 परियोजनाओं को अनुमोदित किया गया है।
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