देश की खबरें | आयुर्वेद अति प्राचीन और वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध पद्धति- न्यायमूर्ति गौतम चौधरी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने बुधवार को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की विशेषताएं गिनाते हुए कहा कि आयुर्वेद सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध चिकित्सा पद्धति है, बशर्ते इसका पालन थोड़ा सख्त है।
प्रयागराज, 10 अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने बुधवार को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति की विशेषताएं गिनाते हुए कहा कि आयुर्वेद सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक तौर पर सिद्ध चिकित्सा पद्धति है, बशर्ते इसका पालन थोड़ा सख्त है।
न्यायमूर्ति गौतम चौधरी, उच्च न्यायालय परिसर में स्थित लाइब्रेरी हॉल में “योग, आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा का हमारे जीवन में महत्व” विषय पर आयोजित गोष्ठी को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, ऐलोपैथ में आराम बहुत जल्द मिल जाता है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि जब हम आयुर्वेद में जाते हैं तो भले ही बहुत सी दवाएं फायदा ना करें, लेकिन इस बात की गारंटी है कि नुकसना नहीं करेगा।
न्यायमूर्ति चौधरी ने कहा, ‘‘जहां तक प्राकृतिक चिकित्सा की बात है, इसका सबसे अच्छा प्रभाव जानवरों में देख सकते हैं। जब उनका पेट खराब हो जाता है तो उन्हें पता है कि कौन सी घास खानी है जिससे उल्टी हो जाए। हमारे यहां व्रत रखना वैज्ञानिक है और लोग ऐसी चीजों का पालन करें, इसलिए इसे धर्म से जोड़ दिया गया है।’’
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दया शंकर मिश्र (दयालु) ने कहा कि यह आयुर्वेद के लाभ की देन है कि आज दुनियाभर के रेस्तरां में हल्दी मिले दूध को टरमरिक लॉटे के नाम से देना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले हमारी जड़ी बूटियों का कारोबार पांच लाख मीट्रिक टन का कारोबार था और वर्तमान में हमने 100 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य पार कर लिया है। हमने प्रदेश में ठेका खेती के माध्यम से 130 प्रकार की जड़ी बूटियों की खेती कराने का मसौदा केंद्र के पास भेजा है।
राजेंद्र
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