देश की खबरें | अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत अर्जी उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ के समक्ष रखी जाए: शीर्ष अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच के दायरे में आए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सदस्य वाई एस अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत याचिका 25 मई को तेलंगाना उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ के समक्ष रखी जाए।

नयी दिल्ली, 23 मई उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को निर्देश दिया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई की जांच के दायरे में आए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के लोकसभा सदस्य वाई एस अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत याचिका 25 मई को तेलंगाना उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ के समक्ष रखी जाए।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अग्रिम जमानत अर्जी पर कोई आदेश पारित नहीं होने से वह "खुश नहीं" है। सीबीआई से वाईएएस अविनाश रेड्डी को लिखित प्रश्नावली उपलब्ध कराने के लिए कहने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त किए जाने के बाद यह याचिका 24 अप्रैल को शीर्ष अदालत के समक्ष रखी गई थी।

उच्च न्यायालय ने 28 अप्रैल को वाई एस अविनाश रेड्डी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पांच जून तक के लिए स्थगित कर दी थी।

न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की अवकाशकालीन पीठ ने कहा, ‘‘हम इस निवेदन को स्वीकार करने के इच्छुक हैं क्योंकि 24 अप्रैल, 2023 को इस अदालत द्वारा पारित आदेश के अनुसार अग्रिम जमानत अर्जी पर 27 अप्रैल को सुनवाई हुई थी… और कोई आदेश पारित नहीं किया गया था। हम निर्देश देते हैं कि …इसे 25 मई को अगली अवकाश पीठ के समक्ष रखा जाए और सभी पक्षों को सुनने के बाद आवश्यक आदेश पारित किया जाए।’’

शीर्ष अदालत ने हालांकि कहा था कि उच्च न्यायालय सांसद की अग्रिम जमानत याचिका पर उसकी टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना सुनवाई आगे बढ़ा सकता है।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पारित अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पिछली पीठ द्वारा अग्रिम जमानत याचिका पर की गई सुनवाई अवकाश पीठ की सुनवाई के आड़े नहीं आएगी।

सुनवाई के दौरान पीठ ने पूछा कि क्या शीर्ष अदालत के 24 अप्रैल के आदेश के बाद उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की।

मामले में उपस्थित अधिवक्ताओं में से एक ने कहा कि याचिका पर उच्च न्यायालय ने दो दिन तक सुनवाई की लेकिन कोई आदेश पारित नहीं किया गया।

अविनाश रेड्डी वाई एस विवेकानंद रेड्डी के भतीजे और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।

शीर्ष अदालत ने 21 अप्रैल को अविनाश रेड्डी को गिरफ्तारी से मिली राहत पर 25 अप्रैल तक रोक लगा दी थी।

उच्चतम न्यायालय उस समय वाई एस विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाइयों में से एक विवेकानंद रेड्डी की राज्य में विधानसभा चुनाव से हफ्तों पहले 15 मार्च, 2019 की रात कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी।

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 18 अप्रैल को वाईएसआरसीपी सांसद को हर दिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

अविनाश रेड्डी ने सीबीआई के सामने पेश होने से पहले उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

उनके पिता एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के चाचा वाई एस भास्कर रेड्डी को विवेकानंद रेड्डी की हत्या के सिलसिले में 16 अप्रैल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था।

हत्या के मामले की जांच शुरू में राज्य सीआईडी ​​की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा की गई थी, लेकिन जुलाई 2020 में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था।

सीबीआई ने 26 अक्टूबर, 2021 को आरोपपत्र दाखिल किया था और इसके बाद 31 जनवरी, 2022 को पूरक आरोपपत्र दायर किया था।

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