नयी दिल्ली, पांच फरवरी केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि वर्ष 2018-19 के दौरान माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का औसत ड्रापआउट दर 17.3 फीसदी और प्राथमिक स्तर पर 4.74 फीसदी रहा।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने साल 2020 में बाल विवाह से संबंधित 111 शिकायतें दर्ज कीं।
मंत्री ने साल 2014 से 2019 के बीच लड़कियों के औसत ड्रापआउट का आंकड़ा पेश किया।
उनकी ओर से पेश आंकड़े के मुताबिक, वर्ष 2018-19 के दौरान माध्यम स्तर पर लड़कियों का ड्रापआउट दर 17.3 फीसदी और प्राथमिक स्तर पर 4.74 फीसदी रहा।
इसी तरह, वर्ष 2017-18 के दौरान माध्यम स्तर पर लड़कियों का ड्रापआउट दर 18.39 फीसदी और प्राथमिक स्तर पर 4.1 फीसदी रहा।
कर्नाटक, असम, बिहार, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा उन राज्यों में शामिल हैं जिनमें लड़कियों का औसत ड्राउआउट सबसे अधिक रहा।
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