ऑस्ट्रेलिया के किसी प्रधानमंत्री की सात साल में यह पहली चीन यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश अपने रिश्तों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
चीन की सरकारी मीडिया ने दोनों नेताओं की मुलाकात की खबर दी लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी। उम्मीद की जा रही है कि दोनों नेताओं की बातचीत कारोबार पर केंद्रित रही क्योंकि चीन ने रिश्ते खराब होने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों में से कुछ को तो हटा लिया है लेकिन बाकी प्रतिबंध जारी हैं।
अल्बनीज ने बैठक से पहले सहयोग का आह्वान करते हुए इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच मतभेद खत्म होने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने बीजिंग में कहा, ‘‘मेरा कहना है कि जहां हम चीन के साथ सहयोग कर सकते हैं वहां करना चाहिए और जहां असहमत होना चाहिए वहां असहमत हो सकते हैं तथा अपने राष्ट्रीय हित में काम कर सकते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने कुछ आशाजनक संकेत देखे हैं, हमारे दोनों देशों के बीच व्यापार की कई बाधाएं दूर हो गयी हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार में पहले से काफी वृद्धि हुई है।’’
उनकी यह यात्रा काफी हद तक प्रतीकात्मक है और ऐसे वक्त में हो रही है जब किसी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री की चीन की पहली यात्रा को 50 साल पूरे होने वाले हैं।
चीन ने आधिकारिक रूप से ऑस्ट्रेलियाई उत्पादों पर शुल्क लगा दिया है और अनौपचारिक रूप से व्यापार में बाधा उत्पन्न कर रहा है जिससे एक अनुमान के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया निर्यातकों को सालाना 13 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हो रहा है।
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