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ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के भारत के प्रयासों की सराहना की

ओ फैरेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी का प्रबंधन करने में भारत सबसे सफल विकासशील देशों में से एक हो सकता है।

ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के भारत के प्रयासों की सराहना की
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नयी दिल्ली, 22 अप्रैल ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस की महामारी दुनिया की सरकारी क्षमता पर अत्यधिक दबाव डाल रही है और आतंकवादी सांप्रदायिक तनाव बढ़ाकर स्थिति का फायदा उठा सकते हैं।

ओ फैरेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय को संबोधित करते हुए कहा कि महामारी का प्रबंधन करने में भारत सबसे सफल विकासशील देशों में से एक हो सकता है।

उन्होंने महामारी से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक पहुंच की सराहना की।

ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त ने कहा कि मोदी कोविड-19 के बाद स्थिति सामान्य करने में विश्व का नेतृत्व करने की खातिर जी-20 को महत्वपूर्ण इकाई के रूप में आकार देने की अग्रणी आवाजों में से भी एक हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इस संकट के शुरू होने के समय से ही हमने भारत से एक उल्लेखनीय नेतृत्व देखा है। विश्व एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य चुनौती का सामना कर रहा है जिसका किसी भी सरकार के पास सटीक उत्तर नहीं है।’’

ओ फैरेल ने कहा, ‘‘सिर्फ यह ही सराहनीय नहीं है कि भारत सरकार ने वायरस के प्रसार पर रोक लगाने के लिए त्वरित कदम उठाए, बल्कि यह भी सराहनीय है कि वह भारत के सर्वाधिक संवेदनशील तबके पर लॉकडाउन के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। यह विश्व की अत्यधिक आबादी वाले देश के लिए एक बड़ी चुनौती है।’’

राजनयिक ने यह भी कहा कि यह मोदी थे जिन्होंने संकट शुरू होते ही महामारी पर रोक लगाने के प्रयासों में समन्वय लाने और कोविड-19 आपात कोष की स्थापना के लिए दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) देशों का नेतृत्व किया।

उन्होंने कहा कि मौजूदा महामारी विश्व की सरकारी क्षमता पर अत्यधिक दबाव डाल रही है।

राजनयिक ने कहा, ‘‘...और इसके साथ ही आतंकवादियों की कोई कमी नहीं है जो अपने स्वार्थ के लिए असुरक्षा और सरकार की कम हुई क्षमता का लाभ उठाएंगे...और संकट के बीच सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न करने की कोशिश करेंगे।’’

उन्होंने किसी आतंकी समूह का नाम नहीं लिया।

ओ फैरेल ने यह भी कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह संकट ऑस्ट्रेलिया तथा भारत को और करीब लाएगा क्योंकि दोनों हिन्द महासागरीय लोकतंत्रों के मूल्य समान हैं।’’

भारत और अमेरिका तथा अन्य विश्व शक्तियां हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों के चलते एक स्वतंत्र, मुक्त और संपन्न हिन्द-प्रशांत सुनिश्चित करने को लेकर चर्चा करती रही हैं।

ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने कहा, ‘‘क्षेत्र में भारत स्वाभाविक तौर पर एक बड़ी शक्ति है और ऑस्ट्रेलिया इसे पारस्परिक हितों के साथ एक सामरिक साझेदार के रूप में देखता है।’’

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2020 09:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).