जरुरी जानकारी | श्रेई ग्रुप के ऑडिटर ने 3,025 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का ‘खुलासा’ किया

नयी दिल्ली, 13 जून श्रेई इक्विपमेंट फाइनेंस के प्रशासक को लेनदेन लेखाकार (ऑडिटर) से वित्त वर्ष 2019-20 और 2020-21 में कुछ धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट मिली है। कंपनी ने कहा है कि श्रेई समूह पर इस धोखाधड़ी का वित्तीय प्रभाव 3,025 करोड़ रुपये से अधिक बैठेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत में श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (एसआईएफएल) और उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी श्रेय इक्विपमेंट फाइनेंस लिमिटेड (एसईएफएल) के निदेशक मंडल को भंग कर दिया था।

इसके बाद रिजर्व बैंक ने संकट में फंसी दोनों कंपनियों के प्रशासक की मदद के लिए तीन सदस्यीय सलाहकार समिति की नियुक्ति की थी।

बैंक ऑफ बड़ौदा के पूर्व मुख्य महाप्रबंधक रजनीश शर्मा को श्रेई समूह की कंपनियों के मामलों को देखने के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया था।

समूह ने शेयर बाजार को भेजी जानकारी में बताया कि बीडीओ इंडिया एलएलपी (बीडीओ या ट्रांजेक्शन ऑडिटर) नाम की एक पेशेवर एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है।

यह जांच दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 43 से 51 और धारा 65 और 66 के तहत की जा रही है।

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