देश की खबरें | मंदिरों, मजारों को ढहाने का आदेश वापस लेने की उपराज्यपाल से आतिशी की अपील

नयी दिल्ली, 22 जून दिल्ली सरकार की लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री आतिशी ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से 14 धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने के ‘अपने’ फैसले को वापस लेने का आग्रह किया।

इससे पहले दिन में एक मंदिर के पास ग्रिल हटाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया।

आतिशी ने उपराज्यपाल को लिखे पत्र में कहा है, "लोगों की आस्था मंदिरों और अन्य धार्मिक संरचनाओं से जुड़ी हुई है। इसलिए मैं आपसे 11 मंदिरों और तीन मजारों को ध्वस्त करने के इस फैसले को वापस लेने का आग्रह करती हूं, ताकि लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।"

आतिशी ने कहा कि उन्हें पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया है कि साल की शुरुआत में जब इन 14 धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त करने की फाइल धार्मिक समिति के माध्यम से राज्य के तत्कालीन गृहमंत्री मनीष सिसोदिया के पास आई थी, तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा था कि परियोजनाओं के नक्शे बदले जाने चाहिए।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने लिखा है, ‘‘लेकिन जब यह फ़ाइल मनीष सिसोदिया की ओर से आपके पास आई तो आपने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और निर्देश दिया कि धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए।"

आतिशी ने लिखा है, "अधिकारियों ने यह भी बताया है कि आपने फ़ाइल पर लिखा है कि मंदिरों का विध्वंस एक कानून और व्यवस्था का मामला है और इसलिए आपके पास इस मामले पर निर्णय लेने की शक्ति है। साथ ही भविष्य में मंदिरों को ध्वस्त करने संबंधी फाइल निर्वाचित सरकार को नहीं, बल्कि मुख्य सचिव के माध्यम से आपको भेजा जाना चाहिए।’’

इससे पहले दिन में, पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच उस समय विवाद हो गया, जब अधिकारियों ने कथित तौर पर एक मंदिर के पास फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रहे जंगले (ग्रिल) को हटा दिया, जिससे यह अफवाह फैल गई कि वे (अधिकारी) मंदिर गिराने वहां आए थे।

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