गुवाहाटी, 11 अप्रैल असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इस साल पहली बार ‘हाई स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एचएसएलसी)’ परीक्षा आयोजित करने वाले असम राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड (एएसएसईबी) ने शुक्रवार को महज 37 दिन के भीतर अपने नतीजे घोषित कर दिए, जिसमें कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 63.98 प्रतिशत रहा।
पहले कक्षा 10 की राज्य बोर्ड परीक्षाएं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, असम (एसईबीए) द्वारा आयोजित की जाती थीं।
सितंबर 2024 में, राज्य सरकार ने एसईबीए और असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद को मिलाकर एएसएसईबी का गठन किया था।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में एएसएसईबी ने 15 फरवरी से तीन मार्च 2025 के बीच एचएसएलसी 2025 परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की और 11 अप्रैल 2025 को केवल 37 दिन के भीतर परिणाम घोषित कर दिया।’’
उन्होंने कहा कि यह तेज और कुशल प्रक्रिया असम की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मानक स्थापित करती है।
परीक्षा में 2,34,985 महिला और 1,87,752 पुरुष उम्मीदवारों सहित कुल 4,22,737 छात्र शामिल हुए, जिनमें से उत्तीर्ण प्रतिशत क्रमशः 61.09 और 67.59 रहा।
कुल मिलाकर 89,041 छात्रों ने प्रथम श्रेणी, 1,35,588 ने द्वितीय और 45,862 ने तृतीय श्रेणी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस साल की परीक्षा में शैक्षणिक बदलाव देखने को मिला, क्योंकि प्रश्नपत्र के पूरे प्रारूप को फिर से डिजाइन किया गया, जिसमें ज्ञान और अवधारणा-आधारित मूल्यांकन पर ध्यान केंद्रित किया गया जो कि एसईबीए के दिनों में देखी जाने वाली रटने वाली शैली से अलग था। इस बड़े शैक्षणिक सुधार के बावजूद कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 63.98 प्रतिशत रहा, जो नयी प्रणाली के तहत असम के छात्रों और शिक्षकों की अनुकूलनशीलता और क्षमता का प्रमाण है।’’
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