इंफाल, दो सितंबर मणिपुर में घाटी के पांच जिलो में एक महिला संगठन के सदस्यों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया और असम राइफल्स की ओर से राज्य के एक नेता को भेजे गए नोटिस को वापस लेने की मांग की।
बड़े पैमाने पर प्रदर्शन को लेकर बनी समिति के प्रतिनिधियों ने ‘संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने’ को लेकर असम राइफल्स की ओर से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-आठवले) के राष्ट्रीय महासचिव महेश्वर थोउनाओजाम को भेजे गए कानूनी नोटिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बड़ी संख्या में महिलाओं ने इंफाल पश्चिम जिले के उरीपोक, सिंगजामेई, कीसंपत, कीस्माथोंग और इंफाल पूर्व के वांगखेई और खुरई में सड़कों पर प्रदर्शन किया।
थॉउबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में भी विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महिलाओं ने तख्तियां ले रखी थीं। उन्होंने अर्द्धसैनिक बल के खिलाफ नारे भी लगाए।
समिति की सदस्य एन. शर्मिला ने उरीपोक में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह विरोध प्रदर्शन अवज्ञा आंदोलन का हिस्सा है। हम केंद्र और राज्य सरकारों के सभी कर्मचारियों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे तीन मई के बाद से मणिपुर में हुई हिंसा पर उचित ध्यान देने में सरकारों की विफलता के जवाब में कार्यालय जाना बंद कर दें।’’
इंफाल पूर्व के बामोन लिकाई में एक प्रदर्शन में शामिल होने वाली शांतिलता ने कहा, ‘‘हम असम राइफल्स द्वारा थोउनाओजाम को दिए गए कानूनी नोटिस का कड़ा विरोध करते हैं। वह एकमात्र राजनीतिज्ञ और लोगों के प्रतिनिधि हैं, जिन्होंने लगातार मेइती ग्रामीणों पर बिना किसी कारण के हमले का मुद्दा उठाया है।’’
असम राइफल्स ने 18 अगस्त को ‘संगठन की प्रतिष्ठा’ को नुकसान पहुंचाने और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को हतोत्साहित करने के लिए थोउनाओजम को कानूनी नोटिस भेजा था।
थोउनाओजम ने इससे पहले ‘पीटीआई-’से कहा था कि वह माफी नहीं मांगेंगे और वह भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अभिव्यक्ति की आजादी के हकदार हैं।
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