देश की खबरें | असम प्रश्नपत्र लीक मामला : भाजपा नेता ने जान का खतरा होने के चलते राज्य छोड़ने का दावा किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गुवाहाटी, 24 सितंबर असम में पुलिस भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में नाम आने के बाद प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता दिबान डेका ने बृहस्पतिवार को कहा कि जान का खतरा होने के कारण उन्हें ''राज्य छोड़कर'' जाना पड़ा।

डेका ने आरोप लगाया कि किसी भी समय उनकी हत्या किए जाने का डर था क्योंकि उनके खिलाफ रची गई साजिश में असम पुलिस के ''कई बड़े और भ्रष्ट अधिकारी'' शामिल हैं।

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खुद को भाजपा किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बताने वाले डेका उन लोगों में शामिल हैं, जिनसे प्रश्नपत्र लीक मामले में असम पुलिस की सीआईडी और गुवाहाटी पुलिस की अपराध शाखा पूछताछ कर चुकी है।

इस बीच, अपराध शाखा और सीआईडी ने बृहस्पतिवार दोपहर को पूर्व डीआईजी पी के दत्ता के आवास पर छापेमारी की। साथ ही दत्ता के परिवार के स्वामित्व वाले कई होटलों और राज्य की राजधानी के आसपास स्थित कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की।

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अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि असम पुलिस उप निरीक्षक पद के लिए आयोजित की गई परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें राज्य सरकार की एक महिला कर्मचारी भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि इस मामले में पांच अन्य व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है, जिसमें विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का भी एक कर्मचारी शामिल है।

डेका ने सोशल मीडिया पर डाली गई अपनी पोस्ट में कहा कि वह उस कंपनी में जुड़े हुए थे, जिसे परीक्षा कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

डेका ने आरोप लगाया कि उनकी जान को खतरा था इसलिए ''वह राज्य छोड़कर चले गए।''

डेका ने कहा, '' मैं पिछले 24 वर्षों से भाजपा में हूं और कभी भी पार्टी अथवा सरकार को किसी परेशानी में नहीं डालूंगा। 20 सितंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट पर मुझे मेरे व्हाट्सऐप पर प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ और तत्काल मैंने गौतम मेक के माध्यम से प्रदीप कुमार सर को इसकी सूचना दी।''

भर्ती परीक्षा 20 सितंबर को दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘प्रश्न पत्र लीक करने में असम पुलिस की मिलीभगत में कई बड़े लोग शामिल हैं। असम पुलिस के कई भ्रष्ट अधिकारी भी इसमें शामिल हैं। इनमें से एक गुप्त हत्याओं में शामिल है।’’

डेका ने हालांकि, यह नहीं बताया कि मेक कौन है और किन गुप्त हत्याओं की वह बात कर रहे थे।

उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) के अध्यक्ष प्रदीप कुमार ने 20 सितंबर को कहा था कि सुबह करीब 11:50 बजे उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए लीक प्रश्नपत्र प्राप्त हुआ था।

इसके बाद कुछ ही देर में मुख्यमंत्री ने परीक्षा रोकने के आदेश जारी किए थे।

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