देश की खबरें | असम पुलिस का पर्चा लीक व्यापमं से कहीं ज्यादा बड़ा घोटाला : अखिल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जेल में बंद कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने शनिवार को कहा कि असम पुलिस भर्ती परीक्षा के पर्चे लीक होने का मामला कुछ सालों पहले मध्य प्रदेश में सामने आए व्यापमं “घोटाले” से भी बड़ा है और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इसमें शामिल है।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गुवाहाटी, 26 सितंबर जेल में बंद कार्यकर्ता अखिल गोगोई ने शनिवार को कहा कि असम पुलिस भर्ती परीक्षा के पर्चे लीक होने का मामला कुछ सालों पहले मध्य प्रदेश में सामने आए व्यापमं “घोटाले” से भी बड़ा है और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार इसमें शामिल है।

एनआईए के दो मामलों की वजह से जेल में बंद कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के सलाहकार गोगोई का कोविड-19 से उबरने के बाद विभिन्न बीमारियों के लिये गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में इलाज चल रहा है।

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जीएमसीएच परिसर के अंदर एक इमारत से दूसरी इमारत में स्थानांतरित किये जाने के दौरान उन्होंने संवाददाताओं को बताया, “यह व्यापमं कांड से बड़ा घोटाला है। न सिर्फ कुछ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी या भाजपा नेता ही शामिल हैं बल्कि नौकरी से जुड़े इस घोटाले के पीछे पूरी भाजपा और प्रदेश सरकार है।”

व्यापमं घोटाला 2013 में सामने आया आया था जो मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वापा विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और राज्य सेवाओं में चयन के लिये आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं से संबंधित था। इस घोटाले से संबंधित करीब दो दर्जन लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में रहस्यमय हालातों में मौत हो गई थी।

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गोगोई ने आरोप लगाया,“मामले की जांच सीआईडी को सौंपकर मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल वास्तविक दोषियों को बचाने के लिये जांच में हेरफेर की कोशिश कर रहे हैं। यह पूरा कांड हुआ क्योंकि वे अपने लोगों को नौकरियां दे रहे थे जो उनकी विचारधारा का अनुसरण करते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अब तक आयोजित कराई गईं सभी परीक्षाएं परिवादात्मक हैं क्योंकि एक “करीबी व्यक्ति” की एक खास एजेंसी को ही सभी भर्ती प्रक्रियाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

असम पुलिस में निशस्त्र उप निरीक्षकों के 597 पदों के लिये 20 सितंबर को हुई लिखित परीक्षा का पर्चा लीक हो गया था जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी।

असम पुलिस की सीआईडी और अपराध शाखा इस मामले की जांच कर रही हैं और उन्होंने राज्यभर में कई जगहों पर छापेमारी भी की, जो पूर्व डीआईजी पी के दत्ता से संबंधित बेनामी संपत्तियां थीं।

जांच एजेंसियों ने वरिष्ठ भाजपा नेता दीबन डेका के आवास और अन्य संपत्तियों पर भी छापेमारी की। डेका ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर कहा था कि वह परीक्षा प्रक्रिया में शामिल थे और अब “असम छोड़” चुके हैं क्योंकि उनकी “किसी भी वक्त हत्या” हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में असम पुलिस के कई “बड़े और भ्रष्ट अधिकारी” शामिल हैं।

इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग हिरासत में लिया गए हैं।

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