गुवाहाटी, 21 फरवरी असम के नागांव जिले में कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन पर हमले को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में हंगामा हुआ, जिसके कारण दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कार्यवाही स्थगित करने की मांग को लेकर सदन में शोरशराबा किया। सरकार ने इस मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया।
सुबह साढ़े नौ बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस विधायक देवव्रत सैकिया ने कार्य स्थगन प्रस्ताव की मांग की।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस मामले पर मुख्यमंत्री के जवाब में हुसैन पर हमले के लिए कोई दुख या क्षोभ का भाव नहीं था।
धुबरी के सांसद हुसैन और उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) पर बृहस्पतिवार को नागांव जिले के रूपोहिहाट में अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया था।
पुलिस ने बताया कि कांग्रेस सांसद गुनोमारी गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में भाग लेने के लिए दोपहिया वाहन से जा रहे थे तभी उन पर लोगों के एक समूह ने क्रिकेट के बल्लों से हमला कर दिया। इन लोगों ने काले कपड़े से अपने चेहरे ढके हुए थे और वे सांसद के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
पुलिस महानिदेशक ने बाद में बताया कि सांसद को कोई चोट नहीं आई है लेकिन उनके दो निजी सुरक्षाकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं और उनका उपचार किया जा रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कार्य स्थगन प्रस्ताव की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि वित्त विधेयक पर चर्चा होनी है।
मंत्री पीयूष हजारिका ने, सरकार द्वारा अपराधी के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने संबंधी सैकिया के आरोप का जवाब देते हुए दावा किया कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और कार्रवाई की जा रही है।
जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक आसन के समीप आ गए और शोरगुल करने लगे। इस पर भाजपा विधायकों ने भी विपक्षी विधायकों पर पलटवार करते हुए दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान उनके नेताओं पर हमले हुए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। जैसे ही सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई कांग्रेस विधायक एक बार फिर आसन के समक्ष आ गए और इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। शोरगुल जारी रहने पर कार्यवाही पांच मिनट के लिए फिर स्थगित कर दी गई।
दूसरी बार स्थगन के बाद जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्ष के नेता सैकिया ने राज्य सरकार से यह बयान देने की मांग की कि दोषियों को पकड़ा जाएगा और ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
सैकिया ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि यहां से यह संदेश जाए कि लोकतंत्र की रक्षा की जाएगी। हम जानना चाहते हैं कि क्या सभी दोषियों की पहचान हो गई है, क्या डीजीपी या अन्य शीर्ष अधिकारी घटनास्थल पर गए हैं।’’
उन्होंने रूपोहिहाट पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी की ओर से सुरक्षा में चूक की ओर इशारा करते हुए चैट संदेशों के रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने कल राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब में हमले का जिक्र किया था। हमारी सरकार ऐसी घटनाओं का कभी समर्थन नहीं करती और मुख्यमंत्री, जो आज राज्य से बाहर हैं, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे।’’
पटवारी ने कहा कि जांच जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘जांच पूरी होने के बाद हम विधानसभा में एक बयान जारी करेंगे।’’
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