देश की खबरें | असम: अनुसूचित जनजातियों, आदिवासियों की आजीविका में सुधार के लिए समझौता
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गुवाहाटी, चार जुलाई भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन (बीआरएलएफ) ने सोमवार को कहा कि उसने असम के दो जिलों में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और आदिवासी समुदायों के रोजगार के अवसरों में सुधार के लिए बोड़ोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) के साथ हाथ मिलाया है।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत समिति ने एक बयान में कहा, बीआरएलएफ और बीटीसी ने बोडोलैंड में कुछ विशिष्ट समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए एक परियोजना को लागू करने के वास्ते एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू के अनुसार, ‘ट्रांसफॉर्मिंग द लाइव्स ऑफ बोडोलैंड ट्राइब्स' परियोजना चार वर्षों में बक्सा के दो प्रखंडों और उदलगुरी जिलों के दो अन्य प्रखंडों में अनुसूचित जनजातियों और आदिवासी समुदायों से संबंधित 40 हज़ार घरों को शामिल करेगी।
इस परियोजना का उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों (एसटी) और बोडोलैंड के आदिवासियों की कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों में वृद्धि के साथ भूमि और पानी की स्थिति में सुधार जैसी आजीविका विकास पहलों के माध्यम से आय के स्तर में वृद्धि करना है।
यह स्कूलों में बेहतर प्रतिधारण स्तर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्थानीय निकायों के बेहतर शासन और सामुदायिक केंद्रों की क्षमता में वृद्धि के माध्यम से बच्चों के शिक्षा स्तर को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।
विकास कार्यों पर बोलते हुए बीआरएलएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रमथेश अंबस्ता ने कहा ''परियोजना का उद्देश्य नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) द्वारा ग्राम पंचायतों और अग्रिम पंक्ति के सरकारी अधिकारियों को सुविधा सहायता प्रदान करना है।''
उन्होंने कहा कि जहां बीआरएलएफ सीएसओ सुविधा समर्थन और क्षमता निर्माण लागत में योगदान देगा, वहीं लक्षित परिवारों को मनरेगा और बीटीसी के तहत काम करने वाले अन्य संबंधित विभागों जैसे सरकारी प्रमुख योजनाओं से वित्तीय संसाधनों का लाभ उठाकर भौतिक कार्यों में समर्थन किया जाएगा।
बयान के मुताबिक, ''परियोजना के लिए प्रमुख सचिव बीटीसी की अध्यक्षता में बीटीसी सरकार द्वारा एक परियोजना संचालन समिति (पीएससी) की स्थापना की जाएगी। पीएससी पर बीआरएलएफ और सीएसओ का प्रतिनिधित्व किया जाएगा। कार्यक्रम संबंधी लागतों के लिए, बीटीसी सरकार वित्तीय संसाधनों की प्रतिबद्धता जताएगी।''
बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोड़ो ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के आदिवासी और अन्य समुदायों के जीवन और आजीविका में सुधार करना है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना समुदायों को कृषि उत्पादकता, जल संसाधनों के निर्माण, सिंचाई के बुनियादी ढांचे, पशुधन उत्पादकता और अन्य गैर-कृषि गतिविधियों जैसे हथकरघा को बढ़ावा देने के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए काम करेगी।
असम मानव विकास रिपोर्ट (एचडीआर) ने बताया कि उदलगुरी और बक्सा जिलों में बहु-आयामी गरीब और कमज़ोर तथा उच्च बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) का हेड काउंट अनुपात (एचसीआर) बहुत अधिक था।
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