जरुरी जानकारी | एशियाई देशों को बुनियादी संरचना समर्थन के लिये सावर्जनिक-निजी भागीदारी पर जोर देने की जरूरत: एडीबी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एशियाई देशों को कोरोनो वायरस महामारी से बुरी तरह से प्रभावित बुनियादी संरचना को बेहतर बनाने के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिये। यह बुनियादी ढांचे में निजी पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता को आकर्षित करने में मदद करेगा। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने एक ब्लॉग में यह कहा।
नयी दिल्ली, 31 मई एशियाई देशों को कोरोनो वायरस महामारी से बुरी तरह से प्रभावित बुनियादी संरचना को बेहतर बनाने के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिये। यह बुनियादी ढांचे में निजी पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता को आकर्षित करने में मदद करेगा। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने एक ब्लॉग में यह कहा।
एडीबी ने कहा कि कोरोनो वायरस महामारी के कारण मौजूदा बुनियादी ढांचा सुविधाओं की मांग तेजी से गिरी है। ऐसे में एशिया प्रशांत के देशों को सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) की अपनी रूपरेखा पर फिर से विचार करना चाहिये।
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ब्लॉग में कहा गया कि कोविड-19 दुनिया भर में बुनियादी ढांचे की सेवाओं को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। मौजूदा बुनियादी ढांचे की मांग तेजी से गिरी है। नये बुनियादी ढांचे का निर्माण धीमा हो गया है।
हालांकि, कुछ बुनियादी ढांचा क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) अभूतपूर्व मांग का सामना कर रहे हैं। लेकिन हवाई अड्डों जैसे अन्य क्षेत्रों में मांग गायब हो रही है।
तीन लेखकों ‘संजय ग्रोवर, हनीफ रहमतुल्ला और कॉलिन गिन’ द्वारा लिखे गये ब्लॉग में कहा गया है, "एशिया में बुनियादी ढांचे में विशेषज्ञता आकर्षित करने और पैसे की जरूरत के मद्देनजर, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) सरकारों के लिये एक महत्वपूर्ण साधन बन रही है।"
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