ईटानगर, पांच मई अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री बामांग फेलिक्स ने शुक्रवार को कहा कि सरकार हिंसा प्रभावित मणिपुर में फंसे हुए राज्य के छात्रों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है।
बामांग फेलिक्स ने कहा कि मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नेतृत्व वाली सरकार संकटग्रस्त राज्य में फंसे हुए छात्रों को निकालने के लिए मणिपुर प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है।
बामांग फेलिक्स ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘फंसे हुए छात्रों को हेलीकॉप्टर और विमान से निकालने की योजना तैयार रखी गई है और इसे तब लागू किया जाएगा जब मणिपुर की स्थिति उन्हें सुरक्षित रूप से इंफाल हवाई अड्डे तक लाने के लिए अनुकूल हो जाएगी। ’’
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मणिपुर में स्थिति की निगरानी करने के लिए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की एक समन्वय समिति का गठन किया है।
गृह मंत्री ने कहा कि इसके लिए सिविल सचिवालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
बामांग फेलिक्स ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए दो विमानों को तैयार रखा गया है और अनुमति मिलते ही यह प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक मणिपुर के विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले अरुणाचल प्रदेश के 263 छात्रों में से 34 पहले ही नियमित उड़ानों के जरिए लौट चुके हैं।
फेलिक्स ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू वहां की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने मणिपुर के अपने समकक्ष और केंद्रीय गृह सचिव से बात की है।
मणिपुर में मेइती समुदाय द्वारा उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग के विरोध में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) की ओर से बुधवार को आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में हिंसा भड़क गई थी।
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