नयी दिल्ली, तीन फरवरी राज्यसभा में सोमवार को शिवसेना के एक सदस्य ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त किए जाने को देश की एकता के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इसके हटने के बाद से वहां न केवल शांति आयी है बल्कि उसका तेज आर्थिक विकास हो रहा है।
राज्यसभा में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना सदस्य मुरली देवड़ा ने कहा कि आज यदि विश्व के विभिन्न देशों को देखा जाए तो वहां राजनीतिक अस्थिरता दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनी है और उसके कामकाज से लोग खुश हैं।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को याद करते हुए कहा कि उनकी एक बड़ी उपलब्धि 2005 में भारत अमेरिका के बीच हुआ परमाणु समझौता था। उन्होंने कहा कि भारत को पहले जिस तरह से अलग-थलग कर दिया जाता था, इस समझौते के कारण परमाणु मामले में वह रवैया समाप्त हो गया।
देवड़ा ने कहा कि इस समझौते के कारण विश्व ने भारत को एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति संपन्न देश स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत को इस क्षेत्र के अगले चरण में ले गये।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने रक्षा, अंतरिक्ष एवं परमाणु क्षेत्र में निजी क्षेत्र को प्रवेश दिया। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित परमाणु ऊर्जा मिशन पहल का स्वागत करते हुए कहा कि देश की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी।
शिवसेना सदस्य ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के निर्णायक व मजबूत निर्णय के कारण वहां आज शांति है और आर्थिक विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश की एकता के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम था।
द्रमुक के एम मोहम्मद अब्दुल्ला ने चर्चा में भाग लेते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्यों के अधिकार अपने हाथ में ले रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्यपाल केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का राजनीतिक औजार बन गये हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपालों के लिए भी आचार संहिता बनायी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को मणिपुर के बारे में बयान देना चाहिए। उन्होंने वहां हुई हिंसा में लोगों की जान गयी और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा।
बीजू जनता दल के मुजीबुल्ला खान ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार को पोलावरम परियोजनाओं के कारण प्रभावित और विस्थापित होने वाले लोगों की सारी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने तेंदु पत्ता पर लगने वाली 18 प्रतिशत जीएसटी को समाप्त करने की मांग की।
वाईएसआर कांग्रेस के सुभाष वंद्र बोस पिल्लै ने अपनी बात तेलुगु में रखी और निशुल्क फसल योजना सहित विभिन्न योजनाओं को लागू करने में आ रही समस्याओं का उल्लेख किया।
अन्नाद्रमुक के एम. थंबीदुरै ने तमिलनाडु के मछुआरों से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया वहीं भाजपा के रामचंद्र जांगड़ा ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भारतीय ओं को अनुमति दिए जाने का स्वागत किया।
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