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देश की खबरें | मणिपुर के दो जिलों में हथियार और गोला-बारूद बरामद, उग्रवादी गिरफ्तार

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देश की खबरें | मणिपुर के दो जिलों में हथियार और गोला-बारूद बरामद, उग्रवादी गिरफ्तार

इंफाल, 10 अप्रैल मणिपुर के काकचिंग और इंफाल पश्चिम जिलों में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने इंफाल पश्चिम जिले में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीडब्ल्यूजी) के एक सदस्य को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस को काकचिंग जिले के तोकपाचिंग मोइरंगखोम हिल रेंज में बिना मैगजीन वाली दो एसएमजी कार्बाइन, मैगजीन के साथ एक .303 राइफल, एक सिंगल बैरल बंदूक, दो डबल बैरल बंदूकें, एक स्नाइपर राइफल, मैगजीन के साथ एक 9 एमएम पिस्तौल, तीन मोर्टार शेल, दो इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) और दो ग्रेनेड के अलावा गोला-बारूद, डेटोनेटर और अन्य सामान मिला है।

पुलिस ने बताया कि इंफाल पूर्वी जिले में एक स्कूल के सामने यारलपत इलाके से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। यहां युद्ध संबंधी सामान के कुछ भंडारगृह भी मिले।

यहां से एक .303 राइफल, 303 कारतूस के 16 राउंड, दो लेथोड 40 एमएम बंदूकें, गोला-बारूद, एक .303 राइफल मैगजीन, एक छोटी कार्बाइन, एक छोटी कार्बाइन हस्तनिर्मित मैगजीन, एक 9 एमएम पिस्तौल, सात डेटोनेटर, दो हथगोले और अन्य सामान बरामद किया गया।

बरामद सामान को कानूनी कार्रवाई के लिए पोरोंपट थाने को सौंप दिया गया है।

पुलिस ने बताया कि दोनों जिलों से बरामदगी बुधवार को की गई।

जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य में लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंपने के लिए लोगों को दो सप्ताह का समय दिया गया था। यह अवधि छह मार्च को समाप्त हो गई और अब उसे समाप्त हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन फिर भी राज्य में हथियार और गोला-बारूद लगातार बरामद हो रहे हैं।

गिरफ्तार किए गए 45 वर्षीय उग्रवादी के बारे में पुलिस ने बताया कि उसे बुधवार को इंफाल पश्चिम जिले के लामसांग बाजार से पकड़ा गया।

उस पर राज्य की राजधानी इंफाल और उसके आसपास के इलाकों में सरकारी अधिकारियों से रुपये की मांग करने का आरोप था।

मई 2023 से इंफाल घाटी में रह रहे बहुसंख्यक मेइती और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले कुकी-जो जनजातियों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र ने 13 फरवरी को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। यहां विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है, जिसे निलंबित कर दिया गया है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2025 10:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).