देश

Guruvayur Temple 400 Weddings: केरल के गुरुवायुर मंदिर में 13 सितंबर को 400 से अधिक शादियां; चिंगम महीने के शुभ संयोग पर सुबह 4 बजे से सजेंगे 6 मंडप

केरल के त्रिशूर जिले में स्थित ऐतिहासिक गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर 13 सितंबर 2026 को एक ही दिन में 400 से अधिक शादियों का गवाह बनने जा रहा है। गुरुवायुर देवस्वोम के अनुसार, इस दिन के लिए अब तक 409 शादियों की आधिकारिक बुकिंग हो चुकी है. मलयालम कैलेंडर के अनुसार चिंगम महीने का अंतिम रविवार होने के चलते इसे विवाह संस्कारों के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना जाता है.

Guruvayur Temple 400 Weddings: केरल के गुरुवायुर मंदिर में 13 सितंबर को 400 से अधिक शादियां; चिंगम महीने के शुभ संयोग पर सुबह 4 बजे से सजेंगे 6 मंडप

त्रिशूर (केरल): दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गुरुवायुर श्रीकृष्ण मंदिर में रविवार, 13 सितंबर को शादियों का बड़ा सैलाब देखने को मिलेगा. मंदिर प्रबंधन गुरुवायुर देवस्वोम ने पुष्टि की है कि इस दिन के लिए अब तक 409 विवाह समारोहों की एडवांस बुकिंग दर्ज की जा चुकी है.

चूंकि विवाह की पूर्व संध्या तक बुकिंग खुली रहती है, इसलिए यह संख्या और बढ़ सकती है. मलयालम सौर कैलेंडर के पहले महीने 'चिंगम' (Chingam) का अंतिम रविवार होने के कारण पारंपरिक रूप से इसे वैवाहिक बंधनों के लिए सर्वोत्तम और मंगलकारी मुहूर्त माना जाता है.

सुबह 4 बजे से शुरू होंगी रस्में, बनाए गए 6 विशेष मंडप

इतनी बड़ी संख्या में शादियों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मंदिर प्रशासन ने विशेष समय-सारणी और व्यवस्था तैयार की है:

  • तड़के 4 बजे से शुरुआत: सभी विवाह अनुष्ठान समय पर पूरे हो सकें, इसके लिए 'थालिकट्टू' (विवाह बंधन की मुख्य रस्म) तड़के सुबह 4:00 बजे से ही आरंभ कर दी जाएगी.
  • 6 समर्पित मंडप: एक साथ कई जोड़ों के विवाह कराने के लिए मंदिर परिसर में छह विशेष मंडप तैयार किए गए हैं.
  • अतिरिक्त स्टाफ व वाद्यवृंद: पूजा व अनुष्ठान सुगमता से कराने के लिए विवाह स्थल पर अतिरिक्त पुजारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा, पारंपरिक माहौल के लिए विवाह स्थल के पास पारंपरिक केरल वाद्यवृंद (नादस्वरम और ताल वाद्य) की टीम तैनात रहेगी.

गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में 13 सितंबर को 400 से ज़्यादा शादियाx होंगी

भीड़ नियंत्रण: पूर्वी प्रवेश द्वार केवल 'वन-वे' रहेगा

हजारों वर-वधू पक्षों और सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए देवस्वोम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर व्यापक सुरक्षा योजना बनाई है:

  • वन-वे रूट: मंदिर के पूर्वी प्रवेश द्वार (Eastern Entrance) को पूरी तरह 'वन-वे' बनाया जाएगा, जिससे परिसर के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर भीड़ जमा न हो सके और आवागमन लगातार बना रहे.
  • अतिरिक्त पुलिस बल: संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर के भीतर, बाहरी परिसर और पूरे गुरुवायुर नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं.
  • 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी: पूरे मंदिर कस्बे में लगे सुरक्षा कैमरों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाएगा. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भीड़ की आड़ में किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

देवस्वोम ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील

गुरुवायुर देवस्वोम के अध्यक्ष ए. वी. गोपीनाथ और प्रशासक एस. हरिगोपाल ने श्रद्धालुओं और विवाह दलों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें, ताकि सामान्य दर्शनार्थियों और विवाह समारोहों दोनों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े.

मंदिर में इस सीजन में श्रद्धालुओं की लगातार भारी आमद देखी जा रही है. हाल ही में संपन्न हुए 'अष्टमी रोहिणी' (श्रीकृष्ण जन्माष्टमी) उत्सव के दौरान 1.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए थे, जबकि 50,000 से अधिक लोगों ने विशेष 'प्रसाद ऊट्टू' (महाप्रसाद भोज) में भाग लिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2026 03:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).