विदेश की खबरें | सेंडिट, योलो, एनजीएल जैसे ऐप एक बार फिर सक्रिय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मेलबर्न, 16 जुलाई (द कन्वरसेशन) क्या आपने कभी किसी अजनबी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने बारे में कोई रहस्य बताया है? क्या आपको ऐसा करने में एक खास तरह की आजादी महसूस हुई।

मेलबर्न, 16 जुलाई (द कन्वरसेशन) क्या आपने कभी किसी अजनबी को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने बारे में कोई रहस्य बताया है? क्या आपको ऐसा करने में एक खास तरह की आजादी महसूस हुई।

हमने इसे हाल ही में सेंडिट और एनजीएल (जिसका अर्थ है “झूठ नहीं बोलने वाला”) सहित युवा लोगों को लक्षित करने वाले अनाम प्रश्न ऐप के फिर से उभार के जरिए देखा है।

इन ऐप्स को उपयोगकर्ताओं के इंस्टाग्राम और स्नैपचैट अकाउंट से जोड़ा जा सकता है, जिससे वे सवाल पोस्ट कर सकते हैं और फॉलोअर से गुमनाम जवाब प्राप्त कर सकते हैं।

ये ऐप इस समय ट्रेंड कर रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब हमने ये सब देखा है। शुरुआती उदाहरणों में 2010 में लॉन्च किया गया आस्कएफएम और 2009 में लॉन्च किया गया स्प्रिंगडॉटमी (फ्रॉमस्प्रिंग'' के रूप में) इस सूची में शामिल हैं।

इन प्लेटफॉर्म का एक तकलीफदेह इतिहास रहा है। मेरा सेाचना है कि गुमनाम प्रश्न ऐप्स ने एक बार फिर इंटरनेट पर तूफान क्यों ला दिया है, और उनका क्या प्रभाव हो सकता है।

वे इतने लोकप्रिय क्यों हैं?

हम जानते हैं कि युवा सामाजिक मंचों के प्रति आकर्षित होते हैं। ये नेटवर्क उन्हें उनके साथियों से जोड़ते हैं। पहचान बनाने की दिशा में उनकी यात्रा में साथ देते हैं और उन्हें प्रयोग, रचनात्मकता के लिए स्थान मुहैया कराते हैं।

हम यह भी जानते हैं कि वे एक तकनीक के माध्यम से अपनी पहचान और व्यक्तिगत जीवन की ऑनलाइन अभिव्यक्ति का प्रबंधन करते हैं जिसे समाजशास्त्री “ऑडियंस अलगाव” या “कोड स्विचिंग” कहते हैं। इसका मतलब है कि वे (किशोर) अपने माता-पिता और साथियों की तुलना में ऑनलाइन खुद को अलग तरह से पेश करने की संभावना रखते हैं।

युवा लोगों के लिए वयस्कों की नज़रों से दूर खुद को व्यक्त करने के लिए ऑनलाइन स्थान होना महत्वपूर्ण है। अनाम प्रश्न ऐप यह स्थान प्रदान करते हैं।

डिज़ाइन से जोखिम भरे

हम जानते हैं कि हमारे पास इंटरनेट के साथ बड़े हो रहे बच्चों की एक पीढ़ी है। एक ओर युवाओं को डिजिटल युग के अग्रदूत के रूप में जाना जाता है और दूसरी ओर हम उनके इसके निर्दोष शिकार बनने को लेकर डरते हैं।

हाल ही में ‘टेकक्रंच’ के एक लेख ने युवा उपयोगकर्ताओं के गुमनाम प्रश्न ऐप्स की ओर तेजी से बढ़ने का वर्णन किया और इसकी पारदर्शिता एवं सुरक्षा के बारे में चिंताओं को उठाया।

एनजीएल ने इस साल लोकप्रियता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, लेकिन अभद्र और उत्पीड़न के मुद्दे को हल नहीं किया। अभद्र के कारण 2017 में ‘यिकयेक’ को बंद कर दिया गया था, लेकिन अब यह वापस आ गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

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