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देश की खबरें | राजस्थान में 17 नई नगर पालिकाओं के गठन को मंजूरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान सरकार ने राज्य में 17 नई नगरपालिकाओं के गठन को सोमवार को मंजूरी दी। सरकार ने इसके साथ ही आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताते हुए अपना पक्ष उच्चतम न्यायालय में रखने का फैसला किया है।

देश की खबरें | राजस्थान में 17 नई नगर पालिकाओं के गठन को मंजूरी

जयपुर, 15 मार्च राजस्थान सरकार ने राज्य में 17 नई नगरपालिकाओं के गठन को सोमवार को मंजूरी दी। सरकार ने इसके साथ ही आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताते हुए अपना पक्ष उच्चतम न्यायालय में रखने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य कैबिनेट व राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में ये निर्णय किए गए।

बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार मंत्रिमंडल ने राज्य के 12 जिलों में 17 नई नगर पालिकाओं के गठन के लिए अधिसूचना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। राज्य बजट 2020-21 में इन नगर पालिकाओं के गठन की घोषणा की गई थी।

मंत्रिमंडल ने 12 जिलों - दौसा, जयपुर, अलवर, भरतपुर, सिरोही, जोधपुर, कोटा, श्रीगंगानगर, सवाई माधोपुर, बारां, करौली तथा धौलपुर - में जिन नगर पालिकाओं के गठन को मंजूरी दी है, उनमें - मंडावरी, बस्सी, रामगढ़, बानसूर, जावाल, भोपालगढ़, लालगढ़-जाटान, उच्चैन, सीकरी, सरमथुरा, बसेड़ी, अटरू, पावटा-प्रागपुरा, सुल्तानपुर, सपोटरा, लक्ष्मणगढ़ व बामनवास हैं। अब इन जिलों में नवगठित नगर पालिका क्षेत्रों से शेष रहे ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव संपन्न कराए जा सकेंगे।

बैठक में राज्य कैबिनेट ने उच्चतम न्यायालय द्वारा आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तथा विशिष्ट परिस्थितियों में ही 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण के संबंध में विचाराधीन याचिका की सुनवाई के दौरान सभी राज्यों से मांगे गए दृष्टिकोण पर भी विचार-विमर्श किया।

मंत्रिमण्डल ने राय जाहिर की कि 1992 के इन्दिरा साहनी प्रकरण में आरक्षण के लिए 50 प्रतिशत सीमा संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। मंत्रिमण्डल ने राज्य सरकार के इस आशय का पक्ष न्यायालय में प्रस्तुत करने की स्वीकृति दी।

कैबिनेट ने बैठक में मैसर्स एसबीई रिन्यूएबल्स टेन प्रोजेक्टस प्राइवेट लिमिटेड को विंड पावर प्रोजेक्ट के 105.3 मेगावाट क्षमता के दो संयंत्रों की स्थापना के लिए बाड़मेर जिले की शिव तहसील में राजस्थान भू-राजस्व (अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर आधारित ऊर्जा उत्पादन इकाई की स्थापना हेतु भूमि आवंटन) नियम-2007 के तहत राजकीय भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

बयान के अनुसार इस निर्णय से राज्य में में पवन ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी तथा रोजगार के अवसरों का भी सृजन होगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 15, 2021 11:43 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).