जरुरी जानकारी | अपीलीय न्यायाधिकरण ने कंपनी बंद करने के आदेश के खिलाफ देवास मल्टी मीडिया की याचिका खारिज की
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नयी दिल्ली, आठ सितंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को देवास मल्टीमीडिया की याचिका खारिज कर दी। याचिका में कंपनी को बंद करने के एनसीएलटी (राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण) के आदेश को चुनौती दी गयी थी।
अपीलीय न्यायाधिकरण ने एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ के आदेश को बरकरार रखा। पीठ ने 25 मई, 2021 को दिये अपने आदेश में देवास मल्टीमीडिया को खुर्द-बुर्द करने और इसके लिये अस्थायी परिसमापक नियुक्त करने का आदेश दिया था।
एनसीएलटी ने यह निर्देश भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की वाणिज्यिक इकाई एंट्रिक्स कॉरपोरेशन की अर्जी पर दिया था।
एनसीएलटी ने कहा था कि देवास मल्टीमीडिया का गठन एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के तत्कालीन अधिकारियों के साथ साठगांठ कर धोखाधड़ी के इरादे से किया गया था। इसका मकसद 2005 में समझौता कर कंपनी से बैंडविद्थ प्राप्त करना था। सरकार ने इस समझौते को रद्द कर दिया।
इस आदेश को देवास मल्टीमीडिया और उसके शेयरधारक देवास एम्प्लॉयीज मॉरीशस प्राइवेट लि. ने अपीलीय न्यायाधिकरण की चेन्नई पीठ के समक्ष चुनौती थी। न्यायाधिकरण ने कंपनी की अपील खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति एम वेणुगोपाल और न्यायमूर्ति वी पी सिंह की दो सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘न्यायाधिकरण इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि अपील स्वीकार्य योग्य नहीं है...।’’
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