ग्वालियर (मप्र), 22 अक्टूबर मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने गृह नगर ग्वालियर में सड़कों की मरम्मत नहीं होने से इतने नाराज हुए कि उन्होंने चप्पल-जूते पहनना छोड़कर नंगे पांव चलने की घोषणा की है।
तोमर ने ऐलान किया कि वह वे तब तक चप्पल-जूते नहीं पहनेंगे, जब तक सड़कों की स्थिति सुधर नहीं जाती। उन्होंने सड़कों के कारण होने वाली समस्याओं के लिए लोगों से माफी भी मांगी।
तोमर ने कहा, ‘‘जनता को तकलीफ हो रही है। सड़कों को सही करने के लिए सरकार ने समय रहते पैसा दिया और अफसरों को इसे तुरंत सही करने के लिए कहा। जिस जनता ने उन्हें चुना है, उनके सामने मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहा हूं कि सड़कें नहीं बनी हैं और इसके लिए माफी भी मांग रहा हूं।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘जनता को जो पीड़ा हो रही है, उसका अहसास मुझे भी होना चाहिए। इसलिए जब तक (ग्वालियर की) तीन सड़कों -- लक्ष्मण तलैया, गेंडे वाली सड़क और अस्पताल रोड -- की मरम्मत नहीं होगी, तब तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।’’
वहीं, ग्वालियर नगर निगम के एक अधिकारी ने दावा किया कि वे तेजी से सड़कों की मरम्मत कर रहे हैं।
इस बारे में निगम आयुक्त किशोर कान्याल ने कहा, ‘‘नगर निगम निर्माण करने वाले सभी विभागों, स्मार्ट सिटी, पीडब्ल्यूडी एवं अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर तेजी से काम कर रहा है। सड़क निर्माण सामग्री का प्लांट चालू है और पैचवर्क एवं दूसरे निर्माण कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं, लेकिन बारिश में सड़कें ज्यादा खराब हो गईं, जिसके कारण थोड़ा समय लग रहा है, परंतु जल्दी से जल्दी काम पूरा किया जाएगा, जिससे शिकायत दूर हो जाएगी।’’
इस बीच तोमर पर तंज कसते हुये कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा ने कहा, ‘‘चप्पल-जूते छोड़ने से यह स्पष्ट हो गया कि प्रदेश की भाजपा सरकार ग्वालियर के विकास को रोक रही है। प्रदेश और केन्द्र में भाजपा की सरकार है। नगर निगम प्रशासन पर भाजपा का कब्जा है और अपनी नाकामी देखकर मंत्री ने चप्पल-जूते छोड़कर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY