देश की खबरें | तमिल दैनिक ‘दिनामलार’ के प्रकाशक लक्ष्मीपति रामसुब्बायर को पद्मश्री दिए जाने की घोषणा

नयी दिल्ली, 25 जनवरी प्रमुख तमिल दैनिक ‘दिनामलार’ के प्रकाशक लक्ष्मीपति रामसुब्बायर को साहित्य, शिक्षा और पत्रकारिता क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए पद्मश्री से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।

रामसुब्बायर वर्तमान में व्यापक रूप से पढ़े जाने वाले समाचार पत्र के संयुक्त प्रबंध संपादक के रूप में कार्यरत हैं।

लक्ष्मीपति आधी सदी से भी अधिक समय से भारतीय मीडिया जगत में एक जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। उन्होंने एक अग्रणी प्रकाशक, विपणनकर्ता, पत्रकार, शिक्षाविद् और सरकारों के नीति सलाहकार के रूप में अनेक भूमिकाएं निभाई हैं।

उन्होंने केरल के त्रावणकोर विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उसके बाद ब्रिटेन के कार्डिफ विश्वविद्यालय में समाचार पत्र प्रबंधन की पढ़ाई की।

यह पाठ्यक्रम तब उपयोगी साबित हुआ जब उन्हें विभिन्न प्रकाशनों का कार्यभार संभालना पड़ा जिनमें चिकित्सा और शल्य चिकित्सा से संबंधित वार्षिक पत्रिका ‘द एंटीसेप्टिक’, स्वस्थ जीवन के लिए समर्पित मासिक पत्रिका ‘हेल्थ’ और भारतीय जहाजरानी एवं समुद्री उद्योग से जुड़ी ‘सागर संदेश’ पत्रिका शामिल हैं।

लक्ष्मीपति को उनकी उपलब्धियों के लिए 2003 में अलगप्पा विश्वविद्यालय और बाद में 2009 में भरतियार विश्वविद्यालय द्वारा डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई।

उन्होंने प्रेस से संबंधित संस्थाओं में अनेक पदों पर कार्य किया जिनमें प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अध्यक्ष (1998-99, 2006-07 और 2012-13), इंडियन न्यूज़पेपर सोसाइटी के अध्यक्ष (1992-93), भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य (2001-04, 2011-14) तथा इंडियन लैंग्वेज न्यूज़पेपर्स एसोसिएशिन के अध्यक्ष (2001-03) शामिल हैं।

उन्होंने सुब्बालक्ष्मी लक्ष्मीपति फाउंडेशन की भी स्थापना की। इसके अलावा उन्होंने सुब्बालक्ष्मी लक्ष्मीपति कॉलेज ऑफ साइंस, आरएल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, आरएल इंस्टिट्यूट ऑफ नॉटिकल साइंसेज और कृष्णमल रामसुब्बायर स्कूल की भी स्थापना की है। ये सभी मदुरै और उसके आसपास स्थित हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)