एएनएमआई ने सरकार से फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की मांग की
एसोसिएशन ने फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन की छह बांड निवेश योजनाओं से धन निकासी का रास्ता बंद करने के फैसले के मद्देनजर निवेशकों के बचाव के लिये जरूरी कदम उठाने का आग्रह करते हुये सरकार और पूंजी बाजार नियामक सेबी से एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाने को कहा है किया है। उसका कहाना है कि ऐसी इस सम्पत्ति प्रबंध कंपनी का नियंतण अपने हाथ में ले और उसके निवेश संबंधी निर्णयों की जांच करे।
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल ब्रोकरों के संगठन एएनएमआई ने सरकार से फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन म्यूचुअल फंड के प्रबंधन को अपने हाथ में लेकर इस म्यूचुअल फंड के निवेश निर्णयों की जांच करने की मांग की है।
एसोसिएशन ने फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन की छह बांड निवेश योजनाओं से धन निकासी का रास्ता बंद करने के फैसले के मद्देनजर निवेशकों के बचाव के लिये जरूरी कदम उठाने का आग्रह करते हुये सरकार और पूंजी बाजार नियामक सेबी से एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाने को कहा है किया है। उसका कहाना है कि ऐसी इस सम्पत्ति प्रबंध कंपनी का नियंतण अपने हाथ में ले और उसके निवेश संबंधी निर्णयों की जांच करे।
एसोसियेसन आफ नेशनल एक्सचेंजिज मेंम्बर्स आफ इंडिया (एएनएमआई) ने वित्त मंत्रालय और सेबी को 26 अप्रैल को पत्र लिखकर निवेशकों की संपत्ति के और क्षरण को रोकने के लिये सुरक्षा कदम उठाने का आग्रह करते हुये इन छह योजनाओं के बारे में निवेशकों को समय समय पर उनके निवेश के बारे में जानकारी देने को कहा है। एएनएमआई का दावा है कि 900 स्टॉक ब्रोकर उसके सदस्य हैं।
म्यूचुअल फंड कंपनी फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन ने बृहस्पतिवार को अपनी छह रिण कोष योजनाओं को बंद कर दिया। कंपनी ने कहा कि योजनाओं के तहत विमोचन का दबाव और बॉंड बाजार में तरलता की कमी के कारण वह इन योजनाओं को बंद कर रही है। इन योजनाओं में --फ्रेंकलिन इंडिया लो डूरेशन फंड, फ्रंकलिन इंडिया डायनामिक एक्यूरल फंड, फ्रेंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रेंकलिन इंडिया शार्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रेंकलिन इंडिया अल्ट्रो शार्ट बॉंड फंड और फ्रेंकलिन इंडिया इंनकम आपोच्युनिटीज फंड-- शामिल हैं।
एएनएमआई ने 26 अप्रैल के अपने पत्र में कहा है कि छह योजनाओं को बंद कर दिये जाने से म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले तमाम निवेशकों के बीच शोक की लहर छा गई। इस निर्णय से निवेश को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एसोसियेसन आफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एएमएफआई) ने मामले को शांत करने का प्रयास किया।
ब्रोकर संगठन एएनएमआई का आरोप है कि फ्रेंकलिन टेम्पलटॉन एमएफ (एफटीएमएफ) ने कम रेटिंग वाले बॉंड में भारी मात्रा में निवेश किया था और कम पहचान वाली कंपनियों में भी निवेश किया था। ‘‘एफटीएमएफ द्वारा उसके छह कोषों के बारे में 31 मार्च 2020 को प्रकाशित पोर्टफोलियो ब्योरे के मुताबिक इनमें कुछ कंपनियों में किये गये निवेश की शर्तो को लेकर सवाल खड़े होते हैं।’’
संगठन ने कहा है कि जब अर्थव्यवस्था में सुस्ती का दौर शुरू हुआ तो एफटीएमएफ द्वारा जिन कम रेटिंग वाली कंपनियों के रिण पत्रों में निवेश किया गया उनके दाम नीचे आने लगे जिसकी वजह से एफटीएमएफ को इन योजनाओं के विमोचन को बंद करना पड़ा।
एएनएमआई ने वित्त मंत्रालय और सेबी से शुक्रवार को भी इस मामले में लाखों निवेशकों की पसीने की कमाई को बचाने के लिये जल्द कदम उठाने का आग्रह किया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2020 09:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

