ताजा खबरें | दस्तावेजों की खामियों को दूर करने पर आंध्र प्रदेश को होगा बकाया मनरेगा भुगतान : केंद्र

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आंध्र प्रदेश की बकाया राशि का भुगतान तब किया जाएगा जब उसके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में मौजूद खामियों के बारे में वह स्थिति स्पष्ट करेगा।

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आंध्र प्रदेश की बकाया राशि का भुगतान तब किया जाएगा जब उसके द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों में मौजूद खामियों के बारे में वह स्थिति स्पष्ट करेगा।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान सिंह ने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के कनकमेदला रवींद्र कुमार से कहा कि मनरेगा के तहत आवंटित राशि को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा कथित तौर पर अन्यत्र उपयोग करने के बारे में लिखित आवेदन दें।

सिंह ने कहा, ‘‘इस योजना के तहत आंध्र प्रदेश की कोई भी राशि बकाया नहीं है। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए दस्तावेजों में कुछ खामियां देखी गई है। हमने इस बारे में राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।’’

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि ऑडिट और बैलेंस शीट के आंकड़े मेल नहीं खाते।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोष जारी करने से पहले निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करती है। इसमें ऑडिट संबंधी कुछ दस्तावेज, सामाजिक ऑडिट और जिला स्तर पर लोकपाल की नियुक्ति जरूरी है।

सिंह, वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी की ओर से पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने मनरेगा के तहत सामग्री के भुगतान के लिए बकाया 1,341 करोड़ रुपये जल्द जारी करने की मांग की थी।

सिंह के खामियों वाले दावे को खारिज करते हुए रेड्डी ने कहा कि दस्तावेजों में कुछ भी खामी नहीं है और केंद्र सरकार झूठे आरोप लगा रही है।

इसके जवाब में सिंह ने कहा कि राज्य को 35,000 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्य सरकार को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जिस दिन वह खामियों पर स्थिति स्पष्ट कर देगी, उसी दिन बकाया राशि जारी कर दी जाएगाी।’’

तेदेपा के रवींद्र कुमार के मनरेगा के कोष को कथित तौर पर अन्यत्र डायवर्ट करने के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे क्योंकि उन्हें इस बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि यदि इस बारे में कोई लिखित शिकायत दर्ज की जाती है तो उनका मंत्रालय इस मामले की जांच कराएंगा।

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