आंध्र प्रदेश कोरोना पाबंदी में गुजरात में फंसे 6,000 मछुआरों को दो-दो हजार रुपये देगी

राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच उससे निपटने की तैयारी की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मछुआरों को एक बारगी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय किया।

अमरावती, 22 अप्रैल आंध्र प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये जारी ‘लॉकडाउन’ (बंद) के कारण गुजरात में फंसे राज्य के 6,000 मछुआरों को 2,000-2,000 रुपये वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की बुधवार को घोषणा की।

राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच उससे निपटने की तैयारी की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मछुआरों को एक बारगी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय किया।

एक आधिकारिक यबान के अनुसार, ‘‘मुख्यमंत्री ने प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि गुजरात में फंसे प्रत्येक मछुआरों को 2,000-2,000 रुपये दिये जाएं।’’

उन्होंने यह भी कहा कि आंध्र प्रदेश वहां फंसे मछुआरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिये गुजरात प्रशासन को सहायता उपलब्ध कराने के लिये तैयार है।

जगन ने 21 अप्रैल को गुजरात के मुख्यमंत्री से बातचीत कर आंध्र प्रदेश के 6,000 मछुआरों की मदद के लिये उपाय करने का आग्रह किया था।

समीक्षा बैठक के बाद राज्य सरकार ने कहा कि कोरोना वायरस परीक्षण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और पिछले 24 घंटे में 5,757 परीक्षण किये गये।

बयान के अनुसार, ‘‘परीक्षण के मामले में आंध्र प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। यहां प्रति 10 लाख की आबादी पर फिलहाल 830 लोगों का परीक्षण किया जा रहा है।’’

राज्य में कोरोना वायरस संक्रमित मामलों की संख्या बुधवार को बढ़कर 800 पहुंच गयी।

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