देश की खबरें | आंध्र प्रदेश ईंधन पर वैट में कटौती करने का इच्छुक नहीं
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अमरावती, पांच नवंबर आंध्र प्रदेश सरकार राज्य की खराब वित्तीय स्थिति के कारण पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर (वैट) में कटौती नहीं करना चाहती है। एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यह कहा।
दो दिन पहले, केंद्र ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमशः पांच रुपये और 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की और राज्यों से उपभोक्ताओं को अधिक राहत देने के लिए वैट में कटौती करने को कहा। कई राज्यों ने केंद्र की सलाह का पालन किया और वैट में कमी की गई।
पहचान जाहिर नहीं करने का अनुरोध करते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने अभी तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन इसकी कोई संभावना नहीं है कि हम वैट में कोई कटौती करेंगे। हमारी अनिश्चित वित्तीय स्थिति इसकी अनुमति नहीं देती है।’’
पिछले साल 20 जुलाई को राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर कर ढांचे को संशोधित किया, जिससे उनकी कीमत में क्रमशः 1.24 रुपये और 0.93 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई। सरकार को इससे प्रति वर्ष लगभग 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।
‘जन सेना पार्टी’ की राजनीतिक मामलों की समिति के अध्यक्ष नदेंदला मनोहर ने आरोप लगाया, ‘‘विकास के बारे में भूल जाइए, पिछले दो वर्षों में राज्य में एक किलोमीटर सड़क की मरम्मत तक नहीं की गई है।’’
आंध्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एस शैलजानाथ ने भी मांग की कि राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर वैट तुरंत कम करे और लोगों पर बोझ घटाए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार अन्य राज्यों का अनुसरण करने और वैट कम करने में नाकाम रहती है तो हम आंदोलन करेंगे।’’
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