देश की खबरें | आनंद तेलतुंबडे की पत्नी ने जेल अधिकारी पर पति का पत्र रोककर रखने का लगाया आरोप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी आनंद तेलतुंबडे की पत्नी ने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि तलोजा जेल के अधीक्षक उनके पति द्वारा रिश्तेदारों एवं वकीलों को लिखे गये पत्र जानबूझकर रोक ले रहे हैं या देरी से भेज रहे हैं।

मुंबई, तीन जुलाई एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी आनंद तेलतुंबडे की पत्नी ने बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि तलोजा जेल के अधीक्षक उनके पति द्वारा रिश्तेदारों एवं वकीलों को लिखे गये पत्र जानबूझकर रोक ले रहे हैं या देरी से भेज रहे हैं।

रामा तेलतुंबडे ने अपनी याचिका में कहा कि जेल अधीक्षक इस साल मार्च से ऐसी हरकत कर रहे हैं, जब निजी क्षेत्र के कुछ उपक्रमों का निजीकरण करने की केंद्र की योजना पर उनके पति द्वारा लिखा गया एक आलेख कारवां पत्रिका में छपा था।

वकील आर सत्यनारायण द्वारा दायर की गयी इस याचिका में यह दावा किया गया है कि आनंद तेलतुंबडे द्वारा लिखे गये पत्रों को भेज नहीं रहे हैं और उनके पति को भेजे गये पत्र भी उनतक नहीं पहुंचने दे रहे हैं, जो 'दुर्भावनापूर्ण एवं अमानवीय कृत्य’ है। उसमें यह भी दावा किया कि जेल अधीक्षक इस मामले में तलोजा जेल में बंद आनंद तेलतुंबडे के सह आरोपियों के पत्रों के साथ ही भी ऐसा ही कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह यह अर्जी दायर की गयी, जिसपर न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की पीठ ने शनिवार को पहली बार सुनवाई की।

वकील सत्यनारायण ने पीठ से कहा कि आनंद तेलतुंबडे की पत्नी और वकीलों को इस साल मार्च के बाद से उनका एक भी पत्र नहीं मिला है। रामा तेलतुंबडे ने अर्जी में कहा कि इस साल मार्च में आलेख प्रकाशित होने के बाद जेल अधीक्षक ने गिरफ्तार कार्यकर्ता को ‘समाज पत्र’ (कारण बताओ नोटिस) जारी किया, इस पर आनंद तेलतुंबडे ने जवाब दिया कि उनके आलेख का एल्गार परिषद मामले से कोई संबंध नहीं है, इसलिए उन्होंने किसी भी कानून का कोई उल्लंघन नहीं किया है।

आनंद तेलतुंबडे ने यह भी कहा कि यह आलेख राजनीतिक प्रचार का हिस्सा नहीं है और न ही उसमें जेल प्रशासन पर कोई टिप्पणी की गयी हैं ।

रामा तेलतुंबडे ने कहा कि उन्होंने और उनके पति एवं सह आरोपियों के वकीलों ने जेल अधीक्षक को कई पत्र लिखे, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उसके बाद उन्हें ‘समाज पत्र’ और उनके पति द्वारा उस पर दिये गये जवाब की प्रति हासिल करने के लिए आरटीआई आवेदन का सहारा लेना पड़ा।

उनकी अर्जी में कहा गया है कि जेल अधीक्षक अपने पद एवं कर्तव्य का उल्लंघन कर रहे हैं क्योंकि सभी कैदियों को इस बात का वैधानिक एवं मौलिक अधिकार है कि वे अपने परिवार, दोस्तों एवं वकीलों से पत्राचार करें। रामा तेलतुंबडे ने अदालत से अनुरोध किया कि जेल अधीक्षक को इस बात का निर्दिश दिया जाए कि वे उनके पति एवं अन्य सह आरोपियों को पत्राचार करने दें। याचिकाकर्ता ने जेल अधीक्षक के विरूद्ध जांच की भी मांग की।

शनिवार को एनआईए के वकील संदेश पाटिल ने अदालत से कहा कि उन्हें इस अर्जी की प्रति अबतक मिली नहीं है। उसके बाद उच्च न्यायालय ने सत्यनारायण को अर्जी की प्रतियां एनआईए एवं राज्य को देने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई छह जुलाई को होने की संभावना है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Mouni Roy And Suraj Nambiar Divorce: मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने तलाक की खबरों पर लगाई मुहर, फैंस से की ये खास अपील

Operation Heavenly Hind: NIA का बड़ा खुलासा, ‘ऑपरेशन हेवेनली हिंद’ के जरिए भारत में अराजकता फैलाने की थी साजिश, दिल्ली समेत कई इलाकों में धमाकों की थी तैयारी

LSG vs CSK, IPL 2026 59th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

PBKS vs MI, IPL 2026 58th Match Scorecard: धर्मशाला स्टेडियम में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस के सामने रखा 201 रनों का टारगेट, प्रभसिमरन सिंह ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड