देश की खबरें | इंदौर में 10 दिन की बच्ची को एक लाख रुपये में बेचने की कोशिश, नर्स समेत दो गिरफ्तार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े गिरोह का खुलासा करने का दावा करते हुए यहां एक सरकारी अस्पताल की नर्स समेत दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।
इंदौर (मध्यप्रदेश), 10 सितंबर पुलिस ने नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े गिरोह का खुलासा करने का दावा करते हुए यहां एक सरकारी अस्पताल की नर्स समेत दो लोगों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी एक महिला को 10 दिन की बच्ची एक लाख रुपये में बेचने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणाचारी मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया कि इस महिला की शिकायत पर जाल बिछाकर पकड़े गये आरोपियों की पहचान तेजकरण ठक्कर उर्फ बबलू (30) और शिल्पा तैलंग (29) के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि यह महिला स्थानीय समाजसेवी संगठनों की मदद से वैधानिक तरीके से बच्चा गोद लेने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलने पर आरोपियों ने महिला से संपर्क किया और उसके सामने एक लाख रुपये में 10 दिन की बच्ची के सौदे की पेशकश की।
मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों के कब्जे से यह नवजात बच्ची बरामद की गयी है। फिलहाल उसे एक अस्पताल में रखा गया है।
उन्होंने बताया, "शुरूआती जांच में हमें पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी बच्ची के जैविक माता-पिता नहीं हैं। उनसे पूछताछ करके पता लगाया जा रहा है कि यह बच्ची उनके पास कैसे आयी? गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी की जा रही है।"
डीआईजी ने बताया कि बच्ची के जैविक माता-पिता अब तक नहीं मिल सके हैं। उन्होंने बताया कि महिला पुलिस थाना मामले की जांच कर रहा है।
थाने की सब इंस्पेक्टर रूपाली भदौरिया ने बताया कि ठक्कर और शिल्पा एक-दूसरे के दोस्त हैं। उन्होंने बताया, "ठक्कर फिलहाल बेरोजगार है, जबकि शिल्पा शहर के एक सरकारी अस्पताल में संविदा आधार पर नर्स के रूप में पदस्थ है। उसे कोविड-19 के जारी प्रकोप को देखते हुए कम अवधि के लिये अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है।"
इस बीच, पुलिस ने दोनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने अभियोजन की गुहार मंजूर करते हुए उन्हें 14 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 370 (मानव तस्करी) और अन्य संबद्ध धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। विस्तृत जांच जारी है।
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