जरुरी जानकारी | अमित शाह ने कृषि बुनियादी ढांचा कोष में मंडी समितियों को शामिल करने के निर्णय का स्वागत किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत केंद्रीय क्षेत्र की वित्त पोषण योजना में संशोधन के मंत्रिमंडल के निर्णय को दूरदर्शी निर्णय बताते हुए इसका स्वागत किया और कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों को बढ़ावा देने को प्रतिबद्ध है। इस संशोधन के तहत कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी) वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी।

नयी दिल्ली, आठ जुलाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत केंद्रीय क्षेत्र की वित्त पोषण योजना में संशोधन के मंत्रिमंडल के निर्णय को दूरदर्शी निर्णय बताते हुए इसका स्वागत किया और कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों को बढ़ावा देने को प्रतिबद्ध है। इस संशोधन के तहत कृषि उपज मंडी समितियां (एपीएमसी) वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगी।

इस निर्णय से कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत वित्तीय सुविधाएं एपीएमसी, राज्य एजेंसियों, राष्ट्रीय और राज्य महासंघों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ स्वयं सहायता समूह के महासंघ (स्वयं सहायता समूह) के लिये भी उपलब्ध होगी

गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत वित्त पोषण सुविधा की केंद्रीय योजना में संशोधन के निर्णय का स्वागत किया है। यह निर्णय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किया गया।

शाह ने कहा कि एपीएमसी के लिये एक ही कृषि मंडी के भीतर कोल्ड स्टोरेज, साइलो, छंटाई, मानकीकरण, जांच-परख इकाइयां आदि विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी।

गृह मंत्री ने कृषि व किसान हितैषी इस ‘दूरदर्शी निर्णय’ के लिए प्रधानमंत्री को बधाई दी।

शाह ने कहा कि मोदी सरकार कृषि और किसानों की समृद्धि के प्रति कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय एपीएमसी की व्यवस्था को और सुदृढ करने के प्रति मोदी सरकार के संकल्प का परिचायक है। इस निर्णय से न सिर्फ एपीएमसी और सशक्त होंगी बल्कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत एपीएमसी, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) के महासंघों और राष्ट्रीय तथा राज्य सहकारी समितियों के महासंघों को शामिल करने से कृषि बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अधिक निवेश आएगा जिससे रोजगार सृजन भी होगा।

शाह ने कहा कि यह निर्णय कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मोदी सरकार का एक सकारात्मक कदम है।

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