देश की खबरें | कोविड मामलों में वृद्धि के बीच केंद्र ने दिल्ली और छह राज्यों से जांच, टीकाकरण पर ध्यान देने को कहा

नयी दिल्ली, छह अगस्त देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बीच, केंद्र सरकार ने इसे रोकने के लिए दिल्ली और छह राज्यों को पर्याप्त जांच सुनिश्चित करने, कोविड-उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने और टीकाकरण की गति बढ़ाने के लिए कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दिल्ली, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और तेलंगाना को लिखे पत्र में कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में आने वाले त्योहार और बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से से कोविड-19 सहित संक्रामक रोगों में वृद्धि की आशंका उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने पांच अगस्त को लिखे पत्र में इस बात पर जोर दिया कि आरटी-पीसीआर और एंटीजन जांच की अनुशंसित हिस्सेदारी बनाये रखते हुए राज्य के सभी जिलों में पर्याप्त जांच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य को संक्रमण के प्रसार रोकने और मामलों के प्रभावी प्रबंधन के लिए अधिक मामलों एवं संक्रमण दर वाले जिलों की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए।

भूषण ने दिल्ली को लिखे अपने पत्र में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले एक महीने से प्रतिदिन उच्च औसत दर से नये मामले (811 मामले) सामने आ रहे हैं।

पांच अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में भारत के साप्ताहिक नये मामलों में से 8.2 प्रतिशत मामले दिल्ली से सामने आये और औसत दैनिक नये मामलों में 1.86 गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जो 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 802 से बढ़कर 5 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 1,492 हो गई है।

दिल्ली में साप्ताहिक संक्रमण दर में भी वृद्धि दर्ज की गई जो 29 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 5.90 प्रतिशत से बढ़कर 5 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 9.86 प्रतिशत हो गई।

भूषण ने कहा कि केरल में पिछले एक महीने में प्रतिदिन औसतन 2,347 मामले और महाराष्ट्र में 2,135 मामले सामने आये। उन्होंने संक्रमण के जिलेवार प्रसार का भी हवाला दिया। उन्होंने राज्यों से कोविड-19 के लिए संशोधित निगरानी रणनीति का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया, जिसे केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा साझा किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘रोग के लक्षणों में कुछ बदलावों के मद्देनजर, दिशानिर्देशों के अनुसार संक्रमण फैलने की पूर्व चेतावनी के संकेत के लिए जिलेवार इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और एसएआर मामलों की निगरानी एवं पता लगाना और सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है। यह हमें चिंता के किसी भी क्षेत्र में यदि आवश्यक हो तो अग्रिम कदम उठाने में सक्षम करेगा।’’

भूषण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के निर्धारित नमूनों की जीनोम अनुक्रमण के साथ-साथ निगरानी स्थलों और कोविड​​​​-19 मामलों के नये स्थानीय क्लस्टर से नमूनों का संग्रह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे नमूनों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जीनोम अनुक्रमण के लिए निर्दिष्ट प्रयोगशाला में तुरंत भेजा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘बाजारों, अंतर-राज्यीय बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन आदि जैसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोविड-उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए नये सिरे से ध्यान देने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘राज्यों को सभी पात्र आबादी के लिए टीकाकरण की गति बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए और 30 सितंबर तक 'कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव' के तहत सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों (सीवीसी) में 18 से अधिक पात्र आबादी के लिए मुफ्त एहतियाती खुराक के प्रशासन में तेजी लाने का लक्ष्य रखना चाहिए।’’

राज्यों को सलाह दी गई है कि वे जांच-निगरानी-उपचार टीकाकरण और समुदाय के भीतर कोविड-उपयुक्त व्यवहार के पालन की पांच-गुना रणनीति का तत्परतापूर्वक पालन करें।

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