जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में गिरावट के बीच विदेशी खाद्य तेलों के भाव टूटे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन, पामोलीन जैसे विदेशी तेल कीमतों में गिरावट आई जबकि सरसों तेल, मूंगफली तेल तिलहन, बिनौला जैसे देशी तेलों के मांग होने से इन तेलों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
नयी दिल्ली, 17 जून विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सोयाबीन, पामोलीन जैसे विदेशी तेल कीमतों में गिरावट आई जबकि सरसों तेल, मूंगफली तेल तिलहन, बिनौला जैसे देशी तेलों के मांग होने से इन तेलों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार सूत्रों ने बताया कि सीपीओ की थोड़ी मांग है पर बिनौला में कारोबार काफी कम हो चला है और इन दोनों तेलों के भाव अपरिवर्तित रहे। मलेशिया एक्सचेंज में लगभग 0.25 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की गिरावट आई।
सूत्रों ने कहा कि विभिन्न खाद्यतेल कंपनियों द्वारा बृहस्पतिवार को खाद्यतेलों के दाम कम किये जाने की घोषणायें हुई हैं जो स्वागतयोग्य है लेकिन जिस मात्रा में इन खाद्यतेलों के थोक भाव में गिरावट आई है उसकी तुलना में सारे खाद्यतेलों (सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, मूंगफली) की कीमतें, कटौती के बाद भी 20-25 रुपये लीटर अधिक हैं।
उल्लेखनीय है कि देश में खाद्यतेलों का आयात किलो (1,000 ग्राम) या क्विन्टल के भाव से होता है जबकि उसकी बिक्री लीटर (910 ग्राम) के हिसाब से की जाती है। इस लिहाज से खाद्यतेलों के थोक भाव के गिरावट और आयात शुल्क में की गई कमी के अनुरूप उपभोक्ताओं को फायदा नहीं मिल रहा।
सूत्रों ने कहा कि खाद्य सचिव के साथ पांच-छह महीने पूर्व हुई बैठक में खाद्यतेल संगठनों के प्रतिनिधियों ने खाद्यतेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के संदर्भ में आश्वासन दिया था कि वे वास्तविक लागत से 10-15 रुपये से अधिक एमआरपी नहीं रखेंगे। लेकिन अभी कटौती के बाद भी वास्तविक लागत, खर्च और मुनाफा जोड़कर खाद्यतेलों के भाव आश्वासन को पूरा करते नहीं दिखते।
उसने कहा कि एक प्रमुख ब्रांड के सरसों तेल के भाव 218 रुपये लीटर से घटाकर 203 रुपये लीटर जबकि सूरजमुखी तेल का भाव 225 रुपये लीटर से घटाकर 210 रुपये लीटर किया गया। इसी प्रकार पामोलीन तेल का दाम 188 रुपये लीटर से घटाकर 178 किया गया है।
सूत्रों ने कहा कि तेल कारोबार के इतिहास में इतने ऊंचे भाव कभी हुए ही नहीं। सूरजमुखी तेल के थोक भाव को 225 रुपये से घटाकर 210 रुपये लीटर किया गया है जबकि सूरजमुखी तेल का भाव 200 रुपये लीटर से कभी ऊंचा हुआ ही नहीं। मदर डेयरी की धारा ब्रांड का सरसों तेल का भाव 208 रुपये से घटाकर 193 रुपये लीटर किया है। सोयाबीन तेल 209 रुपये से घटाकर 194 रुपये लीटर किया है।
उसने कहा कि सूरजमुखी और सोयाबीन तेल पर लगभग 38-38.25 प्रतिशत का लगने वाला आयात शुल्क हटाने से देश को साल भर में लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। इतना होने के बावजूद भी थोकमूल्य के मुकाबले खुदरा बाजार में खाद्य तेल लगभग 20-30 रुपये ऊंचा बैठे तो शुल्क में कमी करने का क्या फायदा हुआ?
सूत्रों ने कहा कि थोक बाजार में सोयाबीन तेल का भाव 154 रुपये किलो है। इसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), अन्य खर्च और मुनाफा जोड़कर इस तेल को अधिकतम 165-167 रुपये किलो के भाव बिकना चाहिये। इसी प्रकार बंदरगाहों पर सूरजमुखी तेल का भाव 180 रुपये लीटर बैठता है इसका भाव लीटर में 190-195 से अधिक नहीं होना चाहिये। लेकिन मीडिया में इनके भाव 220 रुपये लीटर लिखे जा रहे हैं। पामोलीन का भाव 15,000 रुपये क्विन्टल है। इसका भाव खुदरा में 152-155 रुपये लीटर से अधिक नहीं होना चाहिये।
सूत्रों ने कहा कि सरसों तेल उपभोक्ताओं को 163-164 रुपये लीटर के भाव मिलना चाहिये और इसका एमआरपी 170 रुपये अधिक नहीं होना चाहिये। सोयाबीन तेल 163 -165 रुपये बिकना चाहिये। सूरजमुखी 190 -195 रुपये लीटर बिकना चाहिये और एमआरपी 195-198 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिये। जबकि धारा ब्रांड ने सूरजमुखी का भाव 235 रुपये से घटाकर 220 रुपये लीटर रखा है।
सरकार को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की आड़ में महंगे दामों पर उपभोक्ताओं को की जाने वाली बिक्री को रोकने के लिए सख्ती बरतनी होगी।
खाद्य तेल के आयात पर भारत को काफी विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है और निरंतर तेल संकट बना रहता है। ऐसे में समस्या का स्थायी समाधान देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही हो सकता है।
शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,490-7,540 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,740 - 6,875 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,750 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,630 - 2,820 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,380-2,460 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,420-2,525 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,600 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,000 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 6,775-6,875 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज 6,475- 6,575 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का) 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 17, 2022 08:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

