जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मामूली घट-बढ़ के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, बिनौला तेल में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मामूली घट-बढ़ के बीच मंडियों में आवक कमजोर रहने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल- तिलहन, सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल के भाव मजबूत बंद हुए। वहीं सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
नयी दिल्ली, 16 नवंबर विदेशी बाजारों में मामूली घट-बढ़ के बीच मंडियों में आवक कमजोर रहने से देश के तेल-तिलहन बाजारों में बृहस्पतिवार को मूंगफली तेल- तिलहन, सोयाबीन तिलहन और बिनौला तेल के भाव मजबूत बंद हुए। वहीं सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुईं।
कारोबारी सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में मामूली घट-बढ़ है। उन्होंने कहा कि मंडियों में कपास की आवक कम हो रही है तथा देशभर में इसकी आवक घटकर 80 हजार गांठ रह गई है। इसी तरह स्थानीय स्तर पर जाड़े में सोयाबीन डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग बढ़ने के आम चलन की वजह से सोयाबीन तिलहन के दाम मजबूत हो गये। दूसरी ओर आयातित सोयाबीन तेल बंदरगाहों पर लागत के मुकाबले 2-3 रुपये किलो नीचे बेचे जाने की वजह से सोयाबीन तेल के दाम जस के तस रहे। स्थानीय मांग की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव मजबूत रहे। सामान्य कारोबार के बीच कच्चा पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल पूर्वस्तर पर बने रहे।
सूत्रों ने कहा कि कपास की जिनिंग मिलों को कपास की कमी हो रही है जिसकी वजह से 60-70 प्रतिशत जिनिंग मिलें ही परिचालन कर पा रही हैं और इन्हें पेराई करने में नुकसान हो रहा है। कम कीमत मिलने की वजह से किसान कपास और सोयाबीन बिकवाली के लिए मंडियों में कम ही ला रहे हैं जबकि आमतौर पर इस वक्त इन फसल की काफी आवक होती रही है। उधर, ब्राजील में भी गर्म मौसम की वजह से सोयाबीन फसल के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि लगभग तीन दिन पहले विदेशों में सूरजमुखी तेल के दाम में 40 डॉलर प्रति टन की वृद्धि की गई थी और कल रात भी इसके दाम में 15 डॉलर टन की वृद्धि हुई है। इस प्रकार पिछले कुछेक दिनों में ही सूरजमुखी तेल के दाम 55 डॉलर बढ़ गये हैं।
बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,775-5,825 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,650-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,305-2,590 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,825 -1,920 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,825 -1,935 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,500 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,200 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,650 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 5,400-5,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 5,200-5,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 16, 2023 09:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

