देश की खबरें | पंजाब में जारी पटवारी आंदोलन के बीच, मुख्यमंत्री ने नए ‘पटवारियों’ की भर्ती की घोषणा की

चंडीगढ़, दो सितंबर पंजाब में पटवारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन के बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को रिक्त पदों पर 586 नए ‘पटवारियों’ (राजस्व अधिकारियों) को नियुक्त करने की घोषणा की और कहा कि 710 अन्य प्रशिक्षु पटवारियों को काम की जिम्मेदारी दी जायेगी ।

मान ने 710 अभ्यर्थियों की भर्ती में लंबित औपचारिकताओं में तेजी लाकर उन्हें नियुक्ति पत्र देने के भी निर्देश दिए।

कई राजस्व अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री ने पटवारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने की घोषणा की।

यह घोषणा पटवारियों द्वारा अपना आंदोलन शुरू करने के एक दिन बाद आई है। आंदोलन कर रहे पटवारियों ने कहा कि वे उस अतिरिक्त काम का बहिष्कार कर रहे हैं जो उन्हें करने के लिये कहा जा रहा है ।

राजस्व अधिकारियों ने 3,193 ‘अतिरिक्त’ राजस्व मंडलों में उन्हें आवंटित काम करना बंद कर दिया था, हालांकि, वे अपने मंडलों में बाढ़ राहत से संबंधित काम-काज कर रहे हैं।

एक सप्ताह पहले संगरूर जिले में एक पटवारी और एक कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किये जाने के बाद राजस्व पटवार संघ ने हड़ताल का आह्वान किया था।

मान ने शनिवार को एक वीडियो संदेश में कहा कि प्रदेश में कुछ 3660 पटवार मंडल हैं, और इनमें से 2037 पद पिछले कई सालों से रिक्त है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 741 पटवारियों का प्रशिक्षण जारी है, आम तौर पर उनकी प्रशिक्षण अवधि 18 महीने की होती है, जिनमें से 15 महीना पूरा हो चुका है। हमलोग उन्हें फील्ड में तैनात कर रहे हैं । वे लोग पटवारी के तौर पर काम करेंगे ।’’

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 710 ऐसे उम्मीदवार हैं जो परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन पुलिस सत्यापन जैसे कुछ काम लंबित होने के कारण नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जा सका है।

उन्होंने कहा कि गृह विभाग को एक सप्ताह के भीतर पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि उन 710 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र दिया जा सके।

मान ने कहा कि प्रदेश में जल्दी ही 586 पदों के लिये विज्ञापन निकाला जायेगा ताकि युवाओं को राज्य की सेवा करने का मौका मिल सक

उन्होंने कहा कि इन कदमों से कुल 2,037 हलकों को भरा जाएगा जहां पटवारियों के पद खाली पड़े हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लोगों को परेशान नहीं होने देंगे ।

उन्होंने पटवारियों के खिलाफ कई शिकायतें मिलने के बाद उनके कार्यालयों में उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस बात की शिकायत मिली है कि पटवारी बेहद कम वेतन देकर दूसरों से अपना काम करा रहे हैं ।

उन्होंने कहा कि वह दूसरों से अपना काम करवाते हैं और वह स्वयं अन्य गतिविधि एवं व्यवसाय में संलिप्त हैं ।

लोगों को राजस्व अधिकारी मुख्य रूप से भूमि स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड रखते हैं।

मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुये पंजाब राजस्व पटवार यूनियन के अध्यक्ष हरवीर सिंह ढींढसा ने कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा ।

उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या फील्ड में तैनात किए जाने वाले प्रशिक्षु पटवारियों को पूरा वेतन मिलेगा या सिर्फ 5,000 रुपये प्रति माह देकर उनका ‘शोषण जारी रहेगा’।

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