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ड्रोन हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई, इराक एवं सीरिया में ईरान समर्थक समूहों पर किए हमले

अमेरिका ने जॉर्डन में अपने सैनिकों पर हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया और ईरानी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के कई ठिकानों पर हमले किए.

ड्रोन हमले के बाद अमेरिका की जवाबी कार्रवाई, इराक एवं सीरिया में ईरान समर्थक समूहों पर किए हमले
(Photo Credits IANS)

वाशिंगटन, 3 फरवरी : अमेरिका ने जॉर्डन में अपने सैनिकों पर हमलों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया और ईरानी ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के कई ठिकानों पर हमले किए. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और अन्य शीर्ष अमेरिकी नेता कई दिनों से चेतावनी दे रहे थे कि अमेरिका मिलिशिया समूहों पर जवाबी हमला करेगा और उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि यह केवल एक हमला नहीं बल्कि समय के साथ की जाने वाली कई स्तर की प्रतिक्रिया होगी. अमेरिका द्वारा शुक्रवार को हमले किए जाने के बाद बाइडन ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘अमेरिका पश्चिम एशिया या दुनिया में कहीं भी संघर्ष नहीं चाहता, लेकिन जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं, वे यह जान लें: यदि आप किसी अमेरिकी को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम जवाब देंगे.’’

बाइडन ने पिछले रविवार को कहा था कि जॉर्डन में ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) द्वारा समर्थित आतंकवादी समूहों के ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई. बाइडन ने शुक्रवार को कहा, ‘‘मेरे निर्देश पर आज दोपहर अमेरिकी सैन्य बलों ने इराक और सीरिया में उन केंद्रों को निशाना बनाया जिनका उपयोग आईआरजीसी और संबद्ध मिलिशिया समूह अमेरिकी बलों पर हमला करने के लिए करते हैं. हमारी जवाबी कार्रवाई आज से शुरू हुई जो हमारे द्वारा चुनी गई जगहों और हमारे चुने समय पर जारी रहेगी.’’ ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ (सेंटकॉम) के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे (भारतीय समयानुसार शुक्रवार देर रात ढाई बजे) उसकी सेना ने ‘आईआरजीसी कुद्स फोर्स’ और संबद्ध मिलिशिया समूहों के खिलाफ इराक और सीरिया में हवाई हमले किए. अमेरिकी सैन्य बलों ने 85 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया, इस हमले में अमेरिका से भेजे गए लंबी दूरी के बमवर्षक विमानों सहित कई विमान शामिल थे. यह भी पढ़ें : उत्तर कोरिया ने बड़े हथियारों से लैस क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया

सेंटकॉम ने बताया कि जिन ठिकानों पर हमला किया गया, उनमें कमान और नियंत्रण संचालन केंद्र, खुफिया केंद्र, रॉकेट एवं मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन भंडारण, मिलिशिया समूहों और उनके आईआरजीसी प्रायोजकों की रसद और गोला-बारूद आपूर्ति श्रृंखला केंद्र शामिल हैं. अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि उन सात केंद्रों पर ये हमले किए गए जिनका उपयोग आईआरजीसी और संबद्ध मिलिशिया अमेरिकी सेना पर हमला करने के लिए करते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी जवाबी कार्रवाई की शुरुआत है. राष्ट्रपति ने आईआरजीसी और संबद्ध मिलिशिया को अमेरिका और गठबंधन बलों पर उनके हमलों का जवाबदेह ठहराने के लिए अतिरिक्त कार्रवाई का निर्देश दिया है.’’ ऑस्टिन ने कहा, ‘‘हमारे द्वारा चुने समय और स्थानों पर हमले किए जाएंगे. हम पश्चिम एशिया या कहीं और संघर्ष नहीं चाहते, लेकिन राष्ट्रपति और मैं अमेरिकी बलों पर हमले बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम अमेरिका, हमारी सेनाओं और हमारे हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कार्रवाई करेंगे.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2024 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).