वाशिंगटन, 30 मई अमरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि रवि जकरिया के निधन के साथ ही विश्व ने एक महान ईसाई धर्मशास्त्री खो दिया और अमेरिकावासी ऐसे समय में उनकी सुकून देने वाली आवाज और अंतर्दृष्टि को याद करेंगे जब देश ने “उबरने एवं स्वस्थ” होने की प्रक्रिया शुरू ही की थी।
भारतीय मूल के ईसाई धर्मशास्त्री, 74 वर्षीय जकरिया की दुर्लभ किस्म के कैंसर, सारकोमा से जूझते हुए 19 मई को अटलांटा में मौत हो गई थी।
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पेंस ने शुक्रवार को अटलांटा में जकरिया की याद में रखे गए कार्यक्रम में अपने पुराने दोस्त के बारे में बात की और कहा कि भगवान ने उन्हें जीवन में सही वक्त पर उनसे मिलवाया था। उनकी बुद्धिमता एवं करुणा के शब्द और प्रोत्साहन को वह कभी नहीं भूल पाएंगे।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “कल राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप ने कहा था कि ईसाई धर्म का ज्ञान देकर, रवि जकरिया ने विश्व के लाखों लोगों को ईसा मसीह के प्रेम एवं करुणा के बारे में जानकारी देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
पेंस ने कहा कि जकरिया का निधन ऐसे समय में हुआ जब यहां और दुनिया में कई परिवार कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण अपने प्रियजनों को खोने का गम मना रहे हैं।
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक बयान में पेस के हवाले से कहा गया, “अब जब हमारा देश स्वस्थ एवं उबरने की कोशिश कर रहा है, हम रवि की तसल्ली बख्शने वाली आवाज और उनकी अंतर्दृष्टि को याद करेंगे और अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे।”
उपराष्ट्रपति ने याद किया कि जकरिया से उनकी आखिरी बातचीत में भी वह खुद से ज्यादा इस वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहे लोगों के प्रति चिंतित थे।
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